Thursday

03-04-2025 Vol 19

five state assembly election

विपक्ष अभी भी भाजपा की ताकत को समझा नहीं!

तो सार यह है कि अगर विपक्ष ऐसे ही टोने-टोटकों और जोड़-तोड़ के समीकरणों के भरोसे बैठा रहा, तो कहा जा सकता है कि 2024 और उसके आगे भी...

इन नतीजों के अच्छे अर्थ!

पहली बात कांग्रेस पागल होने से बच गई। पिछले सप्ताह मैंने लिखा था कि यदि कांग्रेस उम्मीद अनुसार जीती तो कहीं पागल न हो जाए।

विपक्ष को समझने का मौका!

अंत में नतीजा?  कांग्रेस चारों खाने चित है। न कांग्रेस को समझ आ रहा है और न इंडिया एलायंस को कि आगे कैसे लोकसभा चुनाव लड़े?

लाख टके का सवाल लड़ना कैसे है?

उत्तर भारत के तीन राज्यों के चुनाव नतीजे विपक्ष के लिए चेतावनी की घंटी है। चाहे बिहार में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार हों या उत्तर प्रदेश में अखिलेश...

जनता ने जिंदा रखा है

एक फिल्मी डायलॉग के हिसाब से भारतीय राजनीति के बारे में कहा जाता है कि कांग्रेस और दूसरी विपक्षी पार्टियों को नरेंद्र मोदी और अमित शाह जीने नहीं दे...

कांग्रेस को कांग्रेसी नेताओं ने मारा

कांग्रेस में किसी को नहीं मालूम की राहुल, प्रियंका या पार्टी अध्यक्ष खरगे से मिलने का तरीका क्या है? मुलाकात इतनी मुश्किल बना रखी है कि बड़े नेता भी...

कांग्रेस आपा खोएगी या भाजपा?

लाख टके का सवाल है कि कांग्रेस का जीत के बाद गुब्बारा कितना फूलेगा और वह फिर कितनी जल्दी फटेगा तो मोदी-शाह आत्मविश्वासी बनेंगे या घबरा कर हताशा में...

पाँच राज्यों के चुनाव: कई संभावनाएँ, कई सवाल…?

यदि हम इन विधानसभा चुनावों को भावी लोकसभा चुनावों के संदर्भ में देखें, तो उसके प्रति भी भाजपा व उसके नेता कांग्रेस से अधिक आशान्वित नजर आ रहे है।

मोदी का मकसद, कांग्रेस चुनौती न बने!

भाजपा ने क्यों पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इतनी ताकत झोंकी? लोकसभा चुनाव से ठीक पहले क्यों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने को इस तरह दांव पर लगाया?

चुनावः पांच साला खरीद-फरोख्त मंडी!

हिंदू भले पियक्कड़ शराबी बने, मुफ्तखोर, कामचोर, भ्रष्ट और चाल-चेहरे-चरित्र के नैतिक मूल्यों को भूलते-छोड़ते ठूंठ हो जाए लेकिन चुनाव येन-केन प्रकारेण जीतना है ताकि मुसलमान से बचे रहें!

नेता बेवकूफ हैं या जनता?

‘नया इंडिया’ से श्रुति ने छतीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान तीनों प्रदेश घूमे हैं? सवाल है सभी प्रदेशों में लोगों से बातचीत का निचोड़ क्या है? एक- महंगाई लोगों...

चुनाव मतलब लोगों को मूर्ख बनाना!

भारत में अब सारे चुनाव आम लोगों को मूर्ख बनाने, उनको बरगलाने, निजी लाभ का लालच देने, उनकी आंखों पर पट्टी बांधने या उनकी आंखों में धूल झोंकने का...

सोचे, क्या यह मनुष्य विकास है?

अभी तक पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में करीब दो हजार करोड़ रुपए की नकदी, शराब और दूसरी चीजें पकड़ी गई हैं।

पार्टियां ही नहीं, मीडिया की साख भी दांव पर लगी है

चुनाव में कई साख दांव पर लगती हैं . कुछ प्रतिष्ठित प्रतिमान और सम्मान अधिक मजबूत हो जाते हैं .कई प्रतिष्ठान ध्वस्त हो जाते हैं . लेकिन इस बार...

लोकसभा चुनाव के लिए मुद्दों की तलाश

यह सिर्फ कहने की बात नहीं है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव देश की राजनीति को दिशा देने वाले होंगे और इनसे पता चलेगा कि अगला लोकसभा चुनाव...

जीत हार जो भी हो मोदीजी की होगी

दूसरा भी बड़ा नहीं बहुत बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। और साथ ही सबको लेकर चल रहा है। हिमाचल, कर्नाटक जीतकर बने माहौल को और बढ़ा रहा है।

शिवराज और वसुंधरा दोनों पर अटकलें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू में कहा है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बारे में...

भाजपा के सांसद उम्मीदवारों की मुश्किल

भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना में अनेक सांसदों को विधानसभा चुनाव में उतारा है।

तीन राज्यों का चुनाव हुआ दिलचस्प

राजस्थान और मध्य प्रदेश में तो भाजपा और कांग्रेस की लड़ाई आमने सामने होती दिख रही है और ऐसा लग रहा है कि जो भी जनादेश होगा वह बहुत...

आदिवासी वोट के लिए मोदी की मेहनत

पांच राज्यों के चुनाव प्रचार में से समय निकाल कर प्रधानमंत्री 16 घंटे झारखंड में बिता रहे हैं तो यह मामूली बात नहीं है।

मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान जाएंगे राहुल

राहुल गांधी इस हफ्ते राजस्थान में कई चुनावी रैलियां करेंगे और रोड शो भी करेंगे। राहुल जयपुर में भी रोड शो करेंगे और उदयपुर में भी उनका कार्यक्रम होगा।

ईडी, सीबीआई की साख ही नहीं भ्रष्टाचार मसला भी खलास!

जो प्रदेश पूरे देश में ईडी, सीबीआई के छापों की सुर्खियों में लगातार रहा, जहां केंद्र की मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार का लगातार नैरेटिव बनवाए रखा वहां भ्रष्टाचार चुनाव...

अनाज की नहीं शराब की भूख!

मोदी-शाह के राज में हिंदू कैसे पियक्कड़, नशेड़ी, दारूबाज बने हैं इसकी बहुत भारी दास्तां है। मोदी सरकार का नंबर एक पाप है जो उसने शराब को जीएसटी के...

कहां से आ रहा है इतना पैसा?

पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव में जिस मात्रा में नकद पैसे, शराब, सोना-चांदी और उपहार में बांटी जाने वाली चीजें पकड़ी जा रही हैं, उसे देख कर...

कांग्रेस का अति आत्मविश्वास भारी न पड़ जाए

कांग्रेस पार्टी अति आत्मविश्वास में है। राहुल गांधी बार बार कह रहे हैं कि कांग्रेस पांचों राज्यों में जीतेगी। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों ने भी हर जगह कांग्रेस की स्थिति...

कांग्रेस का इन चुनावों में जीतना जरूरी!

मोदी जी अंदर से घबराए हुए हैं। मिजोरम गए नहीं। साढ़े नौ साल में यह पहला चुनाव है जब प्रधानमंत्री किसीचुनाव वाले राज्य में भाषण देने नहीं गए हों।

कांग्रेस की किसी से बात नहीं बनी!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की किसी पार्टी के साथ कांग्रेस की बात नहीं बनी।

सहयोगियों के प्रचार से कांग्रेस को नुकसान

वैसे तो सार्वजनिक रूप से कांग्रेस नेता सभी राज्यों में जीतने का दावा कर रहे हैं लेकिन अनौपचारिक बातचीत में भी राजस्थान छोड़ कर बाकी चार राज्यों में जीत...

कांग्रेस की तर्ज पर भाजपा की गारंटी

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को गारंटी शब्द पसंद आ गया है। कांग्रेस ने सबसे पहले कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में इसका इस्तेमाल किया था।

कांटे की जमीनी लड़ाई!

यों उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट घोषित नहीं हुई है लेकिन जितनी हुई है और जमीनी तौर पर जैसा माहौल बना दिख रहा है उससे चुनावी लड़ाई कांटे की है।

विनाशकाले विपरीत बुद्धि या……

विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से ठीक एक महीने पहले राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के घर पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के छापे हैरान करने...

सीधी लड़ाई में अन्य की भूमिका

अगले महीने, जिन पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं उनमें हिंदी पट्टी के तीनों राज्यों- राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हमेशा आमने-सामने की लड़ाई होती...

प्रबंधन के सहारे चुनावी लड़ाई

पांच राज्यों में इस बार के विधानसभा चुनाव की खास बात यह है कि चुनाव पहले की तरह राजनीतिक लड़ाई की बजाय प्रबंधन की लड़ाई में बदल गया है।

मजबूरी में भाजपा के क्षत्रपों को महत्व

पांच राज्यों के चुनाव के अलावा भी कई राज्यों में पार्टी के प्रादेशिक क्षत्रपों का महत्व कम नहीं हो रहा है, बल्कि ऐसा लग रहा है कि अगले लोकसभा...

नड्डा की टीम के सदस्य भी चुनाव में

इस बार पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में नड्डा की टीम के चार वरिष्ठ सदस्य विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।

‘इंडिया’ की पार्टियों से कांग्रेस को नुकसान

मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की कई पार्टियों ने उम्मीदवार उतारे हैं।

नफरत को हराना हो पहला चुनावी मकसद!

प्रधानमंत्री मोदी बहुत से सवालों से घिरने लगे हैं। उनके पास बचाव का एकही रास्ता है। हिन्दू-मुसलमान! उसमें फंसने से सब को बचना चाहिए!

भाजपा ने क्या ऐसे टिकट बांटी?

यह बड़ी हैरानी की बात है कि राजस्थान और मध्य प्रदेश में जिन नेताओं की टिकट कटी है वे किसी न किसी स्थानीय नेता को जिम्मेदार बता रहे हैं

भाजपा अनमनी,कांग्रेस जिंदा

भाजपा में शिवराजसिंह अनमने है तो वसुंधरा राजे व रमनसिंह भी है। इनके साथ प्रादेशिक नेता भी अनमने माने जा सकते है।

कांग्रेस ने सहमति बनवाई, भाजपा ने चौंकाया

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा की अभी तक की रणनीति के बुनियादी फर्क चौकाने वाले हैं।

भाजपा में सबकछु चौंकाने वाला!

भाजपा ने सबसे पहले चौंकाने का काम यह किया कि चुनाव की घोषणा से पहले ही उम्मीदवारों की एक लिस्ट घोषित कर दी। आमतौर पर राष्ट्रीय पार्टियां ऐसा नहीं...

मोदी का चेहरा कितना फर्क डालेगा?

इस बार फर्क यह है कि अब तक इन राज्यों में भाजपा प्रादेशिक क्षत्रपों के नाम और काम पर लड़ती थी, इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर...

मुफ्त की घोषणाओं का नेक्स्ट लेवल

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टियों के बीच मुफ्त की घोषणा करने की होड़ मची है। तीन पार्टियां मुख्य रूप से चुनाव में हैं।

कांग्रेस भी सांसदों को लड़ा रही है चुनाव

जिन पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं उनमें कांग्रेस के सिर्फ छह सांसद हैं, जिनमें से चार को पार्टी ने चुनाव में उतार दिया।

कांग्रेस में बेटों, भतीजों को टिकट

कुछ नेता तो खुद भी चुनाव लड़ रहे हैं और परिवार के सदस्यों के लिए भी टिकट ले रहे हैं।

कांग्रेस उम्मीदवारों की पहली सूची जारी

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है।

भाजपा का नया चुनावी अंदाज

ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। 45 साल के चुनावी अनुभव में मुझे कभी पहले यह अनुभव नहीं हुआ भाजपा चुनाव लड़े और उसके मुख्यमंत्री, टिकटार्थी, कार्यकर्ता व संघ परिवार...

कांग्रेस में सब प्रदेशों में,चेहरों पर!

दिल्ली में नेता और टिकटार्थी लॉबिग करते हुए है लेकिन हकीकत में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी याकि आलाकमान ने अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और कमलनाथ- दिग्विजयसिंह पर सबकुछ छोड़ा...