Thursday

03-04-2025 Vol 19

electoral bonds

चुनावी बॉन्ड पर क्यों आक्रामक?

राजनीतिक चंदे के लिए नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाई गई चुनावी बॉन्ड की योजना को सुप्रीम कोर्ट ने जब अवैध घोषित किया और उस पर रोक लगाई तब से...

चुनावी बॉन्ड में आगे क्या होगा?

क्या चुनावी बॉन्ड का कानूनी मामला सुलझ गया? सुप्रीम कोर्ट ने इसे अवैध घोषित कर दिया और इस पर रोक लगा दी तो आगे क्या?

चुनावी बॉन्ड पर मोदी का कमाल का तर्क

असलियत यह है कि कानून की वजह से नहीं, बल्कि अदालत के फैसले की वजह से लोग चंदा देने वालों की हकीकत जान पा रहे हैं। 

चुनावी बॉन्ड की नई कहानी

क्या केंद्र सरकार इस बात की जांच कराएगी कि कैसे नियमों का उल्लंघन करके कंपनियों ने बॉन्ड खरीदे?

बॉन्ड और ईवीएम पर विपक्ष का दोहरा रवैया

ईवीएम से चुनाव भी लड़ते रहे। जीत गए तो चुप हो गए और हारे तो ईवीएम पर दोष मढ़ दिया।

पारदर्शिता से क्यों परहेज?

भारत में राजनीतिक चंदे की लगातार गड्डमड्ड होती गई परिघटना के साथ-साथ राजनीति पर कॉरपोरेट घरानों के कसते गए शिकंजे का भी परदाफाश हो रहा है। electoral bonds supreme...

उद्योग समूह देर से सक्रिय हुए

इन उद्योग समूहों की ओर से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी सोमवार को अदालत के सामने पेश हुए और कहा कि उन्होंने आवेदन दिया है। Electoral Bonds Supreme court

बॉन्ड्स के नंबर 21 मार्च तक दें

सुप्रीम कोर्ट ने तीसरी बार भारतीय स्टेट बैंक को कड़ी फटकार लगाई।चुनावी बॉन्ड से जुड़ा समूचा ब्योरा देने का आदेश।

चुनावी बॉन्ड से आगे क्या रास्ता?

चुनावी चंदे को साफ-सुथरा बनाने और राजनीति में काले धन का प्रवाह रोकने के घोषित उद्देश्य से लाया गया यह कानून अपने उद्देश्य में पूरी तरह से असफल रहा...

बॉन्ड्स को लेकर कांग्रेस का बड़ा हमला

भाजपा के चंदा वसूली के चार तरीके बताए- चंदा दो धंधा लो, हफ्ता वसूली, ठेका लो रिश्वत दो और फर्जी कंपनियां।

चुनावी बॉन्ड का नया ब्योरा

ताजा ब्यौरे में चुनावी बॉन्ड का कानून बनने के बाद से लेकर अभी तक का पूरा ब्योरा सामने आ गया है। electoral bonds supreme court

चुनावी बॉन्ड/भारत का चरित्र

मोदी राज के 10 वर्षों में काले धंधे के काले कारोबारियों को इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए काला पैसा देने का क्या शानदार तरीका और अवसर मिला। Electoral bond data...

पूरा हिसाब अभी बाकी है

चुनावी बॉन्ड खरीदने वालों की सूची में 18,871 एंट्री है, जबकि दान लेने वाले यानी बॉन्ड भुनाने वालों में 20,421 की एंट्री है। इस मिसमैच का क्या मतलब है?...

एजेंसियों के छापों से बॉन्ड वसूली

जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने 123 करोड़ रुपए का चुनावी बॉन्ड खरीदा है। इस कंपनी के ऊपर अप्रैल 2022 में ईडी ने कार्रवाई की थी। electoral bonds

आयोग ने जारी किया चुनावी बॉन्ड का ब्योरा

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई समय सीमा से एक दिन पहले गुरुवार को ही चुनावी बॉन्ड का पूरा ब्योरा अपनी वेबसाइट पर जारी...

चुनावी बॉन्ड से क्या पता चलेगा

15 मार्च को चुनाव आयोग अपनी वेबसाइट पर अपलोड करके सार्वजनिक कर देगा। अब सवाल है कि उससे क्या पता चलेगा? electoral bonds

चुनावी बॉन्ड का खुलासा कल

चुनावी बॉन्ड की खरीद बिक्री से जुड़ी सारी जानकारी शुक्रवार को सार्वजनिक हो जाएगी। electoral bonds supreme court

कितना कुछ जाहिर होगा?

सुप्रीम कोर्ट ने आम चुनाव तक इलेक्ट्रॉल बॉन्ड्स संबंधित विवरण पर परदा डालने की भारतीय स्टेट बैंक की कोशिश नाकाम कर दी।

चुनावी बॉन्ड के मामले में अब 11 मार्च को सुनवाई

भारतीय स्टेट बैंक की ओर से चुनावी बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट से अधिक समय की अपील करने पर आपत्ति जताई है। Electoral Bonds Supreme court

असली सवाल भारतीय स्टेट बैंक पर है

विपक्ष का कहना है कि सरकार नहीं चाहती है कि चंदे का हिसाब किताब चुनाव से पहले सामने आए। लेकिन असली सवाल तो स्टेट बैंक की कार्यक्षमता पर है।...

चुनावी बॉंड्स पर देर से ही, फैसला सही

‘इलेक्टोरल बाँड्स’ के ज़रिये राजनैतिक दलों को दिये जाने वाले चुनावी चंदे को लेकर देश भर में एक भ्रम सा फैला हुआ था।

चुनावी बॉन्ड्स: काले-सफेद की माया!

मैं शुरू में चुनावी बॉन्ड्स योजना को अच्छा मानता था। आखिर चुनाव में काले धन का सत्य सर्वमान्य है।

क्या पार्टियां देवमंदिर और नेता देवता है?

जनीतिक दल अन्य संस्थाओं, नागरिकों से ऊपर और वित्तीय हिसाब देने से परे हैं? इस से बड़ी जबरदस्ती और सत्ता का दुरुपयोग क्या होगा