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सेंसेक्स, निफ्टी में रही आधा फीसदी तेजी

मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में पिछले हफ्ते मामूली तेजी दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट रही। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 77.05 अंकों या 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 36,546.48 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 49.95 अंकों या 0.46 फीसदी की तेजी के साथ 10,943.60 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 312.57 अंकों या 2.13 फीसदी की गिरावट आई और यह 14,328.81 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक 293.70 अंकों या 2.11 फीसदी की गिरावट के साथ 13,656.75 पर बंद हुआ। सोमवार को शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का रुख रहा और सेंसेक्स 113.31 अंकों या 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 36,582.74 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 18.60 अंकों या 0.17 फीसदी की तेजी के साथ 10,912.25 पर बंद हुआ। मंगलवार को प्रमुख शेयरों में तेजी रही और सेंसेक्स 34.07 अंकों या 0.09 फीसदी की तेजी के साथ 36,616.81 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 22.10 अंकों या 0.20 फीसदी के तेजी के साथ 10,934.35 पर बंद हुआ। बुधवार को भी शेयर बाजारों में तेजी का दौर रहा और सेंसेक्स 358.42 अंकों या 0.98 फीसदी की तेजी के साथ 36,975.23 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 128.10 अंकों या 1.17 फीसदी की तेजी के साथ 11,062.45 पर बंद हुआ। गुरुवार को बाजार में मामूली गिरावट रही और सेंसेक्स 4.14 अंकों या 0.01 फीसदी की तेजी के साथ 36,971.09 पर बंद हुआ और निफ्टी 6.95 अंकों या 0.06 फीसदी तेजी के साथ 11,069.40 पर बंद हुआ। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई और सेंसेक्स 424.61 अंकों या 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 36,546.48 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 125.80 अंकों या 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 10,943.60 पर बंद हुआ। बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे -हीरो मोटोकॉर्प (4.45 फीसदी), कोटक बैंक (2.98 फीसदी), बजाज फाइनेंस (2.92 फीसदी), मारुति (2.73 फीसदी) और रिलायंस (2.41 फीसदी)। सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे -टाटा मोटर्स (16.75 फीसदी), टाटा मोटर्स डीवीआर (13.35 फीसदी), यस बैंक (5.84 फीसदी), एनटीपीसी (5.82 फीसदी) और पावरग्रिड (5.20 फीसदी)। आर्थिक मोर्चे पर, देश के सेवा क्षेत्र की रफ्तार साल की शुरुआत में धीमी रही और मौसमी समायोजित निक्केई इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी सूचकांक लगातार दूसरे महीने जनवरी में गिरकर 52.2 पर रहा, जबकि दिसंबर में यह 53.2 पर था। इस सूचकांक में 50 से अधिक का अंक तेजी का और 50 से कम अंक मंदी का सूचक है। इस दौरान देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर) में बजट अनुमान का 112.4 फीसदी हो गया है, जोकि 7.01 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि बजट अनुमान 6.24 लाख करोड़ रुपए का था। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को वाणिज्यिक बैंकों के लिए प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती की, जिससे यह 6.25 फीसदी हो गया है। इसके अतिरिक्त शीर्ष बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख 'नपी-तुली कठोरता' से बदल कर 'तटस्थ' कर दिया है। आरबीआई ने यह कदम तरलता के संकट से निपटने के लिए उठाया है, जिससे चुनावी साल में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो दर को 6 फीसदी और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर व बैंक दर को 6.5 फीसदी कर दिया है। वैश्विक मोर्चे पर, साल की चौथी तिमाही में अमेरिका में विनिर्माण उत्पादन में तेजी दर्ज की गई, जोकि 1.3 फीसदी रही, जबकि तीसरी तिमाही में यह 1.1 फीसदी थी। श्रम विभाग की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। अमेरिका का व्यापार घाटा नवंबर में गिरकर 49.3 अरब डॉलर हो गया, जो अक्टूबर में 55.5 अरब डॉलर था।

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