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खेल हो तो मोईन कुरेशी जैसा

विवेक सक्सेना
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जाने-माने कलाकार सआदत हसन मंटो की एक कहानी बहुत चर्चित है। इसका नाम है कि जिन लाहौर के रूप नहीं वह जन्मा ही नहीं। इसकी याद मुझे इसलिए आ गई क्योंकि जब मैं यह सोचने पर परेशान था कि आज अपना कॉलम किस पर लिखूं तो मुझे अचानक मोईन कुरेशी की याद आ गई और लगा कि जिसने मोईन कुरेशी के बारे में कुछ नहीं लिखा वह पत्रकार ही नहीं। 

सच कहूं तो इस धरती पर ऐसी बिरला शख्सियत बहुत मुश्किल से आती है जो अपनी प्रतिभा से वह सब कुछ कर जाती है कि लोग दांत दबाकर देखते रह जाते हैं। सीबीआई का फर्जीवाड़ा हो और मोईन कुरेशी का जिक्र न आए यह तो मानो असंभव है। रायपुर में अपने पिता की मीट की दुकान से धंधा शुरू करने वाला यह व्यक्ति आज देश का सबसे बड़ा मीट निर्यातक है। उसके अनपढ़ पिता अख्तर कुरेशी ने कभी सपने में भी यह कल्पना नहीं की थी कि जिस सीबीआई के जरिए इस देश के नेता अपनी सत्ता बचाने की कोशिश करते हैं उनका बेटा एक दिन उसी संगठन को अपनी जेब में लेकर चलेगा। 

कुरैसी ने साबित कर दिया कि अच्छे स्कूल में की गई पढ़ाई व वहां समाज के आला लोगों के बच्चों से दोस्ती बहुत लाभदायक साबित होती है। उत्तर प्रदेश के चर्चित दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उसने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की। जहां लगभग हर दल के चर्चित नेता पढ़े हुए हैं। आला अफसरों का तो कहना ही क्या। स्टीफंस कॉलेज में पढ़ने का पूरा फायदा उठाते हुए मोइन कुरेशी ने अपने मीट निर्यात को काफी चमकाया। इस समय वह एएमक्यू समूह का मालिक है जोकि 25 कंपनियों का एक ग्रुप है। 

कुरैसी ने जमकर पैसा कमाया और आज खरबों की संपत्ति का मालिक है। आज उस पर सीबीआई के अफसरों से काम करवाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लग रहा है। उसने अपना जनाधार पक्का करने के लिए दून स्कूल ओल्ड बॉयज संगठन बनाया जिसका वह खुद अध्यक्ष है और इसका दफ्तर उसके घर से चलता है जोकि दक्षिण दिल्ली की डिफेंस कालोनी में है। 

उसने पाकिस्तानी अदाकारा से शादी की। उसे व उसके परिवार को दुनिया की हर महंगी व चर्चित चीज का शौक है। उसकी दो बेटियां पर्निया व सिल्विया है। अब उसका नाम चार सीबीआई अफसरो पूर्व निदेशक एपी सिंह, रंजीत सिन्हा, आलोक वर्मा व स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना से जुडा है। रंजीत सिन्हा के तो घर पर वह 15 माह में 70 बार से ज्यादा गया। वह उन्हें डेढ़ दो किलो मीट देता था। वह व उसकी बीवी और बेटी जब दुनिया की सैर पर जाती तो सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय के आला अफसरों के लिए महंगी भेंट लेकर आती थी। 

जब उसकी बेटी सिल्विया व पत्नी नसरीन को 2013 में कस्टम अधिकारियों ने पकड़ा तो यह खुलासा हुआ कि ये तो बहुत ऊंची, पहुंच वाली है। हालांकि इससे पहले किसी अफसर में इतनी हिम्मत ही नहीं थी कि वह ग्रीन चैनल से निकलने वाली इन महिलाओं का सामान तक चैक करने की हिम्मत कर सके। उन दोनों के पास से एली डायर के बहुत महंगे पर्स व दूसरे सामान पकड़े गए। जब इस मामले की जांच हुई तो पता चला कि उन लोगों ने लंदन व पेरिस में पांच सितारा होटलो में रहने के दौरान 10 करोड़ रुपए की शॉपिंग की थी व यह सारा सामान आला अफसरों के लिए था। 

तब से आयकर विभाग व सीबीआई ने उस पर नजर रखनी शुरू कर दी। कुछ अफसर तो बताते है कि वास्तव में यह छापे तो उसे आगाह करने के लिए थे ताकि वह यह जान कर सतर्क हो जाए कि तमाम गुप्तचर एजेंसियां उस पर नजर रख रही है। दोबारा उस पर तब नजर रखना तेज की गई जबकि उसकी बेटी पर्निया की शादी हुई। उसने फ्रांस के जाने-माने वस्त्र निर्माता लहंगा तैयार कराया जिसकी लागत 80 लाख रुपए थी। दिल्ली के फार्म हाउस में उसकी हफ्ते भर पार्टी चली जिसमें देश की तमाम बड़ी हस्तियो ने हिस्सा लिया। 

उसका यह घर फ्रांसीसी स्टाइल में बना था व 200 करोड़ की लागत वाले उस घर में हर वस्तु अनोखी थी। उसने वहां लियोदगार्हो व विंची की पेटिंग लगाई थी। वह सीबीआई व ईडी की निगाह में आया। उसके आला अफसर उसकी नजरों में आए। एक बार ओल्ड बॉयज एसोसिएशन की बैठक में सफारी सूट पहन कर आए मोईन कुरेशी ने अफसरो व नेताओं की भीड़ में अपनी हैसियत बताते हुए कहा था कि सीबीआई का डायरेक्टर मेरी बाई जेब में व ईडी वाले दाहिनी जेब में रहते हैं। इन दोनों संगठनों से दोस्ती करने के बाद उसने दलाली का काम शुरू कर दिया व सीबीआई व ईडी की जांच में फंसे नेताओं व उद्योगपतियों की वह दलाली करने लगा। 

ईडी ने उसके जो ब्लैक बेरी मैसेज पकड़े उनके मुताबिक उसने 11 करोड़ रुपए का अफसरों के साथ लेन-देन किया था और वह यह पैसा हवाला के जरिए फ्रांस, सिंगापुर व इंग्लैंड भेजा था। उसकी बीवी जब बाहर जाती तो अपनी ब्यूटीशियन व बाल संवारने वाली व दंत चिकित्सक को भी साथ लेकर जाती थी। ईडी ने उसके खिलाफ मनी लांडरिंग का मुकदमा दर्ज किया। उसने उसके व तत्कालीन सीबीआई निदेशक एपी सिंह के बीच हुई बातचीत का रिकार्ड पेश किया। इसके बाद यूपीएससी के सदस्य नियुक्त किए गए एपी सिंह को इस्तीफा देना पड़ा। 

कुरैसी की बेटी पर्निया ने मुजफ्फर अली की फिल्म जानिसार में काम किया। उसने राजा व राधा रेड्डी से कुचिपुड़ी सीखा था। जब उसकी 2011 में शादी हुई तो जाने-माने पाकिस्तानी सूफी गायक फतेह अली खान को रिसेप्शन में गाने के लिए बुलाया गया। वापस लौटते समय कस्टम वालो ने उसके पास से 56 लाख रुपए की विदेशी मुद्रा जब्त की जोकि उसके मुताबिक मोईन कुरेशी ने उसे उसकी फीस के रूप में दी थी मगर कुरेशी का बाल की बांका नहीं हुआ।

उसकी हैसियत व संबंधों का अंदाजा तो इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उसकी बेटी सिल्विया जो कंपनी चलाती है उसने सीबीआई प्रमुख रहे एपी सिंह द्वारा दफ्तर में आयोजित दीवाली की पार्टी के आयोजन के लिए 33.50 लाख रुपए की फीस ली थी। रंजीत सिन्हा के निदेशक बनने पर उसने ऐसी ही पार्टी के लिए 60 लाख रुपए लिए थे। कुरैशी की पत्नी व बेटी का रणजीत सिंहा के घर आना जाना लगा रहता था। कुरैसी बाद में सीबीआई की गिरफ्त में फंसे लोगों को बचाने के लिए सीबीआई के लिए रिश्वत लेने गया। उसके फोन पर सीबीआई निदेशक अपने घर पर अभियुक्तो के साथ मिलते थे। 

एक एसएमएस में ही उसने सीबीआई डायरेक्टर के लिए कुत्ता शब्द तक का इस्तेमाल किया था। उसने कोयला घोटाले में फंसे नेताओं व अफसरों के लिए बिचौलिए का काम किया। वह कांग्रेंस सरकार में कुछ आला मंत्रियों व पदाधिकारियों के बेहद करीब था। अब उसके ही चेले सना सतीश बाबू ने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को दो करोड़ रुपए की रिश्वत देने का खुलासा करके इस पूरे संगठन को हिलाकर रख दिया। काफी पहले मोईन कुरेशी ने सीबीआई में अपने संबंधों की डींग मारते हुए कहा था कि यह तो वो खुद तय करता है कि उसका मामला किस आईओ को सौंपा जाए। वह सही था। हाल ही में उसका आईओ बदल दिया गया और तमाम सीबीआई निदेशकों के फंसने के बावजूद कुरेशी आज तक किसी मामले में नहीं फंसा। और वह भी नरेंद्र मोदी की कथित हिंदूवादी सरकार के राज में। तभी तो खेल हो तो उसके जैसा।

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