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मायावती क्या तालमेल करेंगी?

बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी तो बना दिया है लेकिन पार्टी के लिए सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश का जिम्मा अपने ही पास रखा है। तभी यह सवाल उठा है कि मायावती ने क्या इसलिए यूपी का जिम्मा अपने पास रखा है ताकि वे किसी दूसरी पार्टी से तालमेल कर सकें? ध्यान रहे आकाश की उम्र अभी सिर्फ 27  साल है और उनका राजनीतिक अनुभव बहुत कम है। वे कभी चुनाव नहीं लड़े हैं। दूसरी पार्टियों के नेताओं के साथ उनके संपर्क भी नहीं हैं। इसलिए मायावती उनके हवाले तालमेल और चुनावी रणनीति का काम नहीं छोड़ सकती हैं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बसपा का तालमेल एक समय भाजपा के साथ भी रहा है और पिछला लोकसभा चुनाव पार्टी ने सपा के साथ मिल कर लड़ा था। सपा के साथ चुनाव लड़ने का फायदा बसपा को हुआ था और 2014 में एक भी सीट नहीं जीतने वाली बसपा 10 सीट जीत गई थी। उसके बाद 2022 में मायावती फिर अकेले लड़ीं और विधानसभा में उनको सिर्फ एक सीट मिली। उनका वोट घट कर 12.88 फीसदी रह गया। जिस तरह से उनका वोट कम हुआ है उसे देख कर लग रहा है कि अगर वे तालमेल करके नहीं लड़ती हैं तो लोकसभा भी उनकी सीटें जीरो हो जाएंगी। तभी संभव है कि वे तालमेल करें।

विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के साथ मिल कर राजनीति करने और राहुल गांधी के साथ फोटो खिंचवाने वाले सांसद दानिश अली को पार्टी से बाहर करके मायावती ने संभावित सहयोगियों को एक मैसेज दिया है। अगर भाजपा को उनको कुछ सीटें देती है तो वे उसके साथ जा सकती है लेकिन यह भी संभव है कि वे सपा को तैयार करें कि वह विपक्षी गठबंधन से अलग हो तो पिछली बार की तरह दोनों मिल कर लड़ सकते हैं। कुछ दिन पहले कांग्रेस से भी उनकी बातचीत चल रही थी लेकिन दानिश अली प्रकरण के बाद लगता है कि बात बिगड़ गई है।

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