ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारतीय जनता पार्टी अपने पुराने और मजबूत नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस में भी इस रणनीति पर चर्चा हो रही है। जानकार सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी चाहते हैं कि पार्टी के तमाम बड़े नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री इस बार लोकसभा का चुनाव लड़ें। कई राज्यसभा सांसदों से भी कहा गया है कि वे लोकसभा चुनाव की तैयारी करें। सभी प्रदेशों के तमाम प्रदेश अध्यक्षों, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों और विधानसभा में विधायक दल के नेताओं से चुनाव लड़ने को कहा जा सकता है। बताया जा रहा है कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने इसी रणनीति से कांग्रेस को मात दी थी। उसने अपने तमाम बड़े नेताओं को चुनाव लड़ाया था।
बहरहाल, कांग्रेस के जानकार सूत्रों के मुताबिक हर राज्य में पार्टी के बड़े नेता लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। इस बार मध्य प्रदेश में कमलनाथ को भी लड़ने को कहा जा सकता है। पिछली बार उनके बेटे नकुल नाथ ने छिंदवाड़ा से चुनाव लड़ा था। वहां दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के साथ साथ अजय सिंह राहुल को चुनाव लड़ने को कहा जा सकता है। इसी तरह दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन और प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली चुनाव लड़ सकते हैं। हरियाणा में नेता विपक्ष भूपेंदर सिंह हुड्डा के साथ साथ उनके बेटे दीपेंदर हुडडा, कुमारी शैलजा, रणदीप सूरजेवाला आदि चुनाव लड़ सकते हैं। राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट दोनों को चुनाव लड़ने के लिए कहा जा सकता है। महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण, नाना पटोले, पृथ्वीराज चव्हाण को, गुजरात में शक्ति सिंह गोहिल व अर्जुन मोडवाडिया को और दक्षिण के राज्यों में केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश को लड़ने को कहा जा सकता है।