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आरबीआई का झगड़ा अभी और बढ़ेगा

भारतीय रिजर्व बैंक का झगड़ा सुलझने नहीं जा रहा है। अगले कुछ दिन में झगड़ा और बढ़ेगा। भले सरकार मीडिया में ऐसी खबरे छपवा रही है कि वह वह उर्जित पटेल को हटाने नहीं जा रही है और न उनका इस्तीफा मांग रही है। पर इस बात की पूरी संभावना है कि कार्यकाल खत्म होने से पहले ही उर्जित पटेल की विदाई हो जाए। वे खुद ही इस्तीफा दे सकते हैं। बताया जा रहा है कि सरकार इस बात के लिए दबाव बनाए हुए है कि रिजर्व बैंक अपने करीब दस लाख करोड़ रुपए के नकदी रिजर्व में से एक तिहाई से कुछ ज्यादा तीन लाख 60 हजार करोड़ रुपए सरकार को दे दे। उर्जित पटेल इसके लिए तैयार नहीं हैं। 

इतना ही नहीं सरकार आरबीआई के उठाए गए कुछ कदमों को पीछे भी कराना चाहती है। जैसे कुछ समय पहले रिजर्व बैंक ने 11 बैंकों को प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन यानी पीसीए श्रेणी में डाल दिया। इसका मतलब है कि ये बैंक कर्ज नहीं दे सकते हैं। सरकार इसमें कुछ ढील चाहती है। इसके अलावा जानकार सूत्रों का कहना है कि सरकार हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में तरलता बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। इस लिहाज से माना जा रहा है कि 19 नवंबर को होने वाली रिजर्व बैंक बोर्ड की बैठक बहुत अहम होगी। उस बैठक में ये तीनों मामले आएंगे, जिन पर सरकार और आरबीआई गवर्नर की राय एक जैसी नहीं है। 

आरबीआई के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के तौर पर नियुक्त हुए एस गुरुमूर्ति गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में नकदी की तरलता बढ़ाने के पक्ष में हैं। सरकार ने अभी तक आरबीआई कानून की धारा सात के दूसरे हिस्से का इस्तेमाल नहीं किया है। उसके मुताबिक सरकार सलाह मशविरा करने की बजाय सीधे केंद्रीय बैंक को आदेश दे सकती है। अगर सरकार ने रिजर्व बैंक को आदेश दिया कि वह अपने कैश रिजर्व का एक तिहाई हिस्सा सरकार को दे तो इस पर उर्जित पटेल इस्तीफा दे सकते हैं और उनके साथ डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य भी इस्तीफा दे सकते हैं।  

बताया जा रहा है कि रिजर्व बैंक को इस बात की चिंता है उसका कैश रिजर्व कम हुआ तो आर्थिकी की बड़ा परिदृश्य प्रभावित होगा। केंद्रीय बैंक की साख घटेगी और बाजार में अस्थिरता भी आ सकती है, जिसकी ओर विरल आचार्य ने पहले इशारा किया है। इस बीच यह भी खबर है कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की ओर से चलाई जाने वाली अनियंत्रित जमा योजनाओं पर पाबंदी लगाने वाले कानून पर विचार कर रही संसदीय समिति की 12 नवंबर को होने वाली बैठक में शायद उर्जित पटेल हिस्सा न लें। 

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