Loading... Please wait...

कर स्लैब बदलेगी क्या सरकार?

केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र खत्म होने के साथ ही बजट सत्र की तैयारियों में जुटेगी। इसी महीने के आखिर में बजट सत्र होगा। उसके बाद आम चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। संसद के शीतकालीन सत्र में सांसदों और पत्रकारों के बीच चर्चा का एक अहम मुद्दा यह रहा कि सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी या सामान्य परंपरा के मुताबिक सिर्फ लेखानुदान पेश किया जाएगा। 

अब तक लेखानुदान की ही पंरपरा रही है। सरकार मई से जुलाई तक तीन महीने के खर्च की मंजूरी लेती है और उसके बाद नई सरकार जुलाई में बजट पेश करती है। इसी परंपरा से नरेंद्र मोदी सरकार ने भी काम किया है और अरुण जेटली पांच पूर्ण बजट पेश कर चुके हैं। तभी राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने संकेत किया कि सरकार लेखानुदान लाएगी। यानी पूर्ण बजट पेश होने की संभावना कम है।

फिर भी दो कारणों से कई जानकार इस बात की संभावना जता रहे हैं कि इस बार का बजट सत्र चुनावी साल के बजट सत्र से अलग होगा। इसमें पहला कारण तो यह है कि सरकार ने सभी विभागों से बहुत विस्तार में आंकड़े मंगाए हैं। राज्यों को भी लिखा गया और वहां से सचिवों से सारे विभागों के कामकाज की सूची मांगी गई है। केंद्रीय योजनाओं पर कैसे अमल हुआ यह भी पूछा गया है। दूसरे, अंग्रेजी के एक अखबार के सर्वेक्षण में बताया गया है कि लोग चाहते हैं कि भले यह पूर्ण बजट का सत्र न हो पर सरकार कर ढांचे में सुधार की पहल करे। यानी कर का स्लैब बदलने का प्रस्ताव करे। हालांकि अगर सरकार ऐसा करती है तो विपक्ष इसका भारी विरोध करेगा क्योंकि बजट में सबसे ज्यादा लोक लुभावन हिस्सा कर ढांचे का ही होता है। 

इस बीच सोशल मीडिया में यह भी बहस छिड़ी है कि सरकार पांच लाख रुपए से ज्यादा कमाई के ऊपर 20 फीसदी कर लगाती है। और अब गरीब सवर्णों के लिए आरक्षण के कानून में सरकार ने आठ लाख रुपए तक की सालाना आय वाले को गरीब माना है। तो क्या सरकार गरीबों से 20 फीसदी टैक्स वसूलेगी? सो, टैक्स स्लैब बदलने और आठ लाख रुपए तक जीरो टैक्स करने की मांग हो रही है। जहां तक आंकड़े जुटाने का मामला है तो सरकार के जानकार सूत्रों का कहना है कि चुनावी साल होने की वजह से सरकार अपनी उपलब्धियां बताने के लिए इसका इस्तेमाल करेगी।

232 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2019 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech