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कश्मीर के विभाजन की प्रक्रिया शुरू

क्या‍ भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू कश्मीर को तीन हिस्सों में बांटने की पुरानी मांग पर अमल शुरू कर दिया है? राज्यपाल शासन लद्दाख को अलग डिवीजन के तौर पर मान्यता देना इसकी शुरुआत माना जा रहा है। ध्यान रहे दशकों से इस बात की मांग हो रही है कि आतंकवाद की समस्या खत्म नहीं हो रही है तो कश्मीर घाटी को अलग थलग किया जाए और बाकी हिस्सों को हिंसा व अस्थिरता से बचाया जाए। भाजपा और संघ के समर्थक कश्मीर घाटी, जम्मू और लद्दाख को अलग अलग राज्य बनाने की मांग करते रहे हैं। उनका यह भी मानना है कि जान बूझकर जम्मू और लद्दाख की जनसंख्या संरचना बदली जा रही है। 

तभी राज्यपाल सत्यपाल मलिक के प्रशासन ने जब लद्दाख को अलग डिवीजन के तौर पर मान्यता दी तो तीन हिस्सों में बांटने की पुरानी योजना पर चर्चा शुरू हो गई। लद्दाख डिवीजन में लेह और करगिल शामिल हैं। अगर यह प्रयोग प्रशासनिक रूप से सफल होता है तो इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि तीन हिस्सों में बांटने का एजेंडा आगे बढ़ा तो जम्मू अलग राज्य होगा और लद्दाख स्वायत्त क्षेत्र बन सकता है या केंद्र शासित प्रदेश हो सकता है, जिसकी राजस्व प्रणाली, प्रशासन सब अलग होंगे, जैसे अंडमान वगैरह में हैं।  

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