पंचांग 10 मार्च रविवार

शुभ विक्रम संम्वत 2075  विरोधीकृत नाम संवत्सर ,शाके:1940 ।मु.मास- जमादि उलसानि 30,बसंत ऋतू, फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष

शुभ तिथि चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि 4 बजकर 7 मिनट तक तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी। चतुर्थी तिथि मे अग्नि,विषादिक असद कार्य,शत्रु मर्दन, इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है| शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित है | चतुर्थी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान ,भाग्यवान ,पराक्रमी  होते है।

अश्विनी "क्षिप्र " संज्ञक नक्षत्र रात्रि 2  बज कर 57 मिनट तक तत्पश्चात भरणी "उग्र-अधोमुख" संज्ञक नक्षत्र रहेगा | अश्विनी नक्षत्र मे विवाह ,यात्रा,विद्या इत्यादि कार्य सिद्ध होते है । अश्विनी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,सरल स्वाभाव वाला,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है |अश्विनी नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः इस नक्षत्र मे जन्मे जातको को मूल शांति करवा लेनी चाहिये।                           

चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मेष राशि में संचार करेगा |      

व्रतोत्सव -    विनायक चतुर्थी 

राहुकाल - सायंकाल 4.30 बजे से 6 बजे तक

दिशाशूल - रविवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से घी-दलिया खा कर निकले।  

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