पंचांग 04 जनवरी शुक्रवार

शुभ विक्रम संम्वत 2075  विरोधीकृत नाम संवत्सर ,शाके:1940 ।मु.मास- रवि उलसानी 24

शिशिर ऋतू  पौष मास कृष्ण  पक्ष

शुभ तिथि चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि अंत रात्रि 4 बजकर 58 मिनट तक तत्पश्चात अमावस्या तिथि  रहेगी । चतुर्दशी तिथि को अग्नि विषादिक कार्य ,उग्र कार्य ,बंधन इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है । चतुर्दशी तिथि मे जन्मे जातक धर्मात्मा, धनवान, बुद्धिवान,भाग्यवान, पराक्रमी  होते है

ज्येष्ठा नक्षत्र अंत दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक तत्पश्चात मूल नक्षत्र रहेगा  | ज्येष्ठा नक्षत्र मे अग्नि ,शिल्प,चित्रकारी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है । ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्मे जातको कि 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन मूल शांति करवा लेनी चाहिए |  ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारो वाला,कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला , सुन्दर ,साहसी,व्यापार निपुण ,धनवान, बुद्धिमान होता है  

चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन धनु राशि में संचार करेगा|      

व्रतोत्सव - मास शिवरात्रि  

राहुकाल - प्रातः 10.30 बजे से 12 बजे तक

दिशाशूल - शुक्रवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से जौ खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये- सूर्योदय से पूर्वाह्न 11.14 तक लाभ ,अमृत का ,दोपहर 12.31 मिनट से  1.49 तक शुभ का ,सायं 4.20 से सूर्यास्त तक चर का चौघड़िया 

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