Loading... Please wait...

एक लाख में 130 महिलाओं की प्रसव के दौरान मौत

चंडीगढ़। देश में एक साल में प्रति 100000 लाइव बर्थ के पीछे 130 महिलाओं की प्रसव के दौरान मृत्यु हो जाती है जिसे 2030 तक कम करके 70 तक लाने का लक्ष्य है।यह जानकारी प्रसव मौतें कम करने के लिए फेडरेशन ऑफ ऑब्सट्रेटिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीस ऑफ इंडिया और मोहाली ऑब्सट्रेटिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी के इनफर्टिलिटी एंड अद्भुत मातृत्व विषय पर आयोजित सम्मेलन में दी गई।

सम्मेलन में उत्तर भारत के सरकारी व निजी अस्पतालों में कार्यरत 200 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। इनमें चंडीगढ़ के पीजीआई, जीएमएसएच 16, जीएमसीएच 32, मोहाली, पंचकूला, शिमला, पटियाला, जालंधर, लुधियाना, अंबाला, राजपूरा, बद्दी, अमृतसर के अस्पतालों के डॉक्टर शामिल थे।

मोहोली की संस्था की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति जिंदल ने बताया कि मां के सुरक्षित प्रसव से लेकर बच्चे के सुरक्षित जन्म तक की जानकारी डॉक्टरों को रखना जरूरी है और साथ ही महिलाएं जब गर्भवती हों तभी से उनकी सेहत पर पैनी नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि खासकर पंजाब व हरियाणा में महिलाओं को अच्छे परवरिश से वंचित रखा जाता है जिसमें उनकी सेहत के साथ साथ उनकी शिक्षा, खानपान, सही उम्र में शादी इत्यादि शामिल है। सम्मेलन में डॉक्टरों ने पोस्ट डिलीवरी इंफेक्शन, रीकरेंट प्रेग्नेंसी लॉस, गर्भावस्था में रक्तरिसाव इत्यादि की समस्याओं पर चर्चा की।

राष्ट्रीय संस्था अघ्यक्ष डॉ जयदीप मल्होत्रा ने इस अवसर पर बताया कि गर्भवती महिलाओं में पोस्ट पार्टम सेपसिस मृत्यु का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि जब एक औरत गर्भ से हो तो उसका नियमित चिकित्सा परीक्षण, संतुलित पोषण, प्रसव के समय और बाद में समुचित देखभाल जरूरी है जिससे प्रसव मौतों की संख्या कम की जा सकती है।  इस अवसर पर डॉ प्रीति जिंदल की लिखी किताब ‘माई लिल प्रेग्नेंसी कम्पैनियन‘ का विमोचन भी किया गया, जिसमें मातृत्व के दौरान मां के मन में उठने वाली सभी शंकाओं का समाधान बताया गया है।

59 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2018 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech