नई दिल्ली। आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस की मुलाकात हुई और दोनों के बीच बातचीत भी हुई। इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने मोहम्मद यूनुस को नसीहत देते हुए कहा कि देश में जल्दी चुनाव कराएं।
इसके साथ ही उन्होंने यूनुस को दोनों देशों के संबंधों को नुकसान पहुंचाने वाली बयानबाजी से बचने की सलाह भी दी। गौरतलब है कि पिछले दिनों चीन के दौरे पर गए यूनुस ने भारत को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था।
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शुक्रवार को मोदी और यूनुस की मुलाकात के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मोदी ने यूनुस से कहा कि लोकतंत्र में चुनाव बहुत जरूरी हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश में जल्दी ही लोकतांत्रिक और स्थायी सरकार देखेंगे।
मोदी और यूनुस के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यक मुद्दे पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हालत पर भी बातचीत हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे को खुलकर सामने रखा। यूनुस ने भरोसा दिया कि बांग्लादेश सरकार अपनी जिम्मेदारियों पर खरी उतरेगी।
गौरतलब है कि दोनों नेताओं ने थाईलैंड में बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान मुलाकात की। बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त में हुए तख्तापलट के बाद पहली बार प्रधानमंत्री मोदी और यूनुस मिले हैं। ध्यान रहे यूनुस के पद संभालने के बाद से भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने हाल ही में अपनी चीन यात्रा के दौरान कहा था कि भारत का पूर्वोत्तर का इलाका लैंडलॉक्ड है और उसकी समुद्र तक पहुंच नहीं है।
समुद्र तक पहुंचने के लिए बांग्लादेश इस क्षेत्र का मुख्य दरवाजा है। इस आधार पर उन्होंने चीन से इस क्षेत्र में निवेश करने की अपील की थी। इस बयान को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने कड़े शब्दों में जवाब दिया था। जयशंकर ने कहा, हम यह मानते हैं कि सहयोग एक व्यापक चीज है। ऐसा नहीं हो सकता है कि आप सिर्फ अपने फायदे की ही बात करें, बाकी बातों को नजरअंदाज कर दें।
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