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सोमवार को फिर से खुला सबरीमला मंदिर, चप्पे-चप्पे पर पुलिस

निलाक्कल। भगवान अयप्पा मंदिर के सोमवार शाम को मासिक पूजा के लिए खुलने के मद्देनजर सबरीमला में और उसके आसपास चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। मंदिर में माहवारी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को मंजूरी देने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सबरीमला में पिछले महीने प्रदर्शन हुए थे। रविवार सुबह से ही एरुमेली पहुंच चुके श्रद्धालुओं ने पंबा और सन्निधानम ना जाने देने के खिलाफ सोमवार सुबह प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘अयप्पा शरणम’ के नारे लगाते हुए यातायात अवरुद्ध कर दिया। एक गुस्साए श्रद्धालु ने कहा, ‘‘हम गत शाम से इंतजार कर रहे हैं। हमें बताया गया कि सुबह छह बजे जाने दिया जाएगा।

अब वे बोल रहे हैं कि केएसआरटीसी की बसें दोपहर 12 बजे तक ही जाएंगी। हम भगवान अयप्पा की पूजा करने आए हैं। कृपया हमें जाने दें। श्रद्धालु ने कहा कि अगर निजी वाहनों को जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है तो उन्हें केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों से पंबा ले जाया जाए। मीडियाकर्मियों को भी सोमवार सुबह नौ बजे तक यहां आधार शिविर से पंबा और ‘सन्निधानम’ (मंदिर परिसर) तक जाने नहीं दिया गया।

पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने कहा कि मीडियाकर्मियों पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम उन्हें अभी अनुमति नहीं दे रहे हैं। जैसे ही सुरक्षा के बंदोबस्त पूरे हो जाएंगे मीडिया को सबरीमला तथा आस-पास के स्थानों में जाने दिया जाएगा। पचास वर्ष से अधिक की आयु वाली कम से कम 15 महिला पुलिसकर्मियों को ‘सन्निधानम’ में तैनात किया गया है।

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