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समाचार-धर्म-कर्म

कुंभ में 22 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

कुम्भ नगर। विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम कुम्भ मेले में अब तक देश-विदेश से आए करीब 22 और पढ़ें....

यदि तोते की तस्वीर यहां लगाई तो बच्चों का पढ़ाई में मन लगेगा, लेकिन तोता पाल लिया तो बर्बादी

* वास्तुशास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा में तोते की तस्वीर को लगाने से पढ़ाई में बच्चों की रुचि बढ़ती है, साथ ही उनकी स्मरण क्षमता में भी इजाफा होता है। * तोता और पढ़ें....

21 फरवरी: सहस्त्राब्दि के पहले कुंभ का समापन

नई दिल्ली। हमारे देश में धर्म और आस्थाओं का एक खास स्थान है। हिंदू कैलेंडर में हर दिन कोई न कोई व्रत, त्यौहार का आयोजन किया जाता है। कुंभ का आयोजन भी आस्था और पढ़ें....

माघी पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवास समाप्त

कुंभ नगर। पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अन्त: सलीला स्वरूप में प्रवाहित सरस्वती की रेती पर कुम्भ में पौष पूर्णिमा स्नान के साथ ही संयम, अहिंसा, श्रद्धा और पढ़ें....

भूलकर भी घर के मंदिर में न रखें ये 4 मूर्तियां, वरना आपका परिवार हो सकता है बर्बाद

हिंदू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व होता है। पूजा-पाठ से मन को शांति मिलती है लेकिन रोजाना मंदिर जाना मुमकिन नहीं हो पाता। ऐसे में अक्सर लोग घर में ही और पढ़ें....

राहु का राशि परिवर्तन जानिए अपनी राशि का हाल

7 मार्च 2019 की रात्रि में राहु का कर्क से मिथुन राशि में गोचर लगभग 2:48 बजे होगा और 23 सितंबर 2020, 5:28 बजे तक यह मिथुन राशि में ही स्थित रहेगा। ज्योतिषशास्त्र में और पढ़ें....

घर से नकारात्मक ऊर्जा हटाने के लिये उपाय

हर घर में कोई न कोई वास्तु दोष अवश्य मिलता है ऐसे में घर में कोई न कोई समस्या बनी रहती है। वास्तु दोष से घर में नकारात्मक उर्जा भी इक्कठी होती रहती है जो घर और पढ़ें....

राहु द्वारा निर्मित योग और उनका फल

राहु को अंग्रेजी में ड्रैगन हेड के नाम से जाना जाता है। पौराणिक ग्रंथों में भी इसे सर्प का सिर कहा गया है। केतु के साथ मिलकर यह कालसर्प नामक अशुभ योग का और पढ़ें....

देव सूर्य महोत्सव का आयोजन

औरंगाबाद। बिहार में औरंगाबाद जिले के ऐतिहासिक पौराणिक और धार्मिक स्थल देव को पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर सुस्थापित करने तथा देसी-विदेशी और पढ़ें....

जन्म कुंडली में लग्नेश का महत्व

लग्न भाव में जो भी राशि होती है उसका स्वामी लग्नेश कहलाता है जैसे मेष राशि लग्न में हो तो मंगल लग्नेश बनेगा। लग्नेश की स्थिति जिस भाव में हो, उसके और पढ़ें....

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