Loading... Please wait...

मंगल पर रोवर को सूर्य की किरणें मिल सकेंगी!

वाशिंगटन। मंगल ग्रह पर अपरच्यूनिटी रोवर के ठहराव स्थल के ऊपर आसमान साफ होने के बाद इस सौर संचालित अन्वेषण यान को स्वत: ही वापस अपनी स्थिति में लौटने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सूर्य की किरणें मिल सकेंगी।

नासा ने एक बयान में बताया कि अपरच्यूनिटी मिशन टीम ने रोवर से सफलतापूर्वक संपर्क की उच्चतम संभावना हासिल करने और उसे वापस लाने के लिए के लिए दो चरण वाली एक योजना विकसित की है। इसने कहा कि मंगल ग्रह को पूरी तरह घेर चुका धूल का आवरण घटने लगा है। इस आवरण का 30 मई को पता चला था और उसकी वजह से करीब 15 साल पुराने अपरच्यूनिटी रोवर का संचालन ठप हो गया था।

नासा की जेट प्रपल्शन लैबोरैटरी के अपरच्यूनिटी परियोजना प्रबंधक जॉन कल्लास ने कहा, ‘‘सूर्य की किरणें परसेवरेंस वैली (मंगल ग्रह पर एक विशेष संरचना) के ऊपर फैली धुंध को पार कर रही हैं। शीघ्र ही वहां पर्याप्त सूर्य की किरणें होंगी एवं उसकी बैटरियां पुन: चार्ज हो जाएंगी।’’ उन्होंने कहा कि जब वहां कणों की मात्रा का स्तर 1.5 के नीचे आ जाएगा तब नासा के सुदूर अंतरिक्ष नेटवर्क के एंटीना के माध्यम से उसे कमांड भेजकर उससे संपर्क करने करने का काम शुरू किया जाएगा। नासा ने कहा कि पृथ्वी पर इस रोवर के साथ आखिरी बार 10 जून को संपर्क हुआ था।

312 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2018 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech