मंगल मिशन के लिए 'सुपरसोनिक' पैराशूट का परीक्षण

वाशिंगटन। नासा के ‘‘सुपरसोनिक पैराशूट’’ ने एक सेकंड के केवल चार बटे दसवें हिस्से में सक्रिय होकर और 37,000 किलो भार को रखकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। नासा के अत्यंत महत्त्वाकांक्षी 2020 मंगल मिशन में यह सुपरसोनिक पैराशूट महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिसमें यह रोवर को मंगल ग्रह के सतह पर उतारने (लैंडिंग) का काम करेगा।

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक बयान में कहा कि 17.7 मीटर लंबे ब्लैक ब्रेंट IX साउंडिंग रॉकेट के लॉन्च होने के महज दो मिनट से भी कम समय में उसका एक पेलोड अलग हो गया और पृथ्वी के वायुमंडल से होते हुये वापस आ गया। बयान में कहा गया कि जब विमान में रखे सेंसर ने निर्धारित किया कि पेलोड उपयुक्त ऊंचाई (38 किलोमीटर ऊंचाई) और मैक नंबर 1.8 तक पहुंच गया है, तो पेलोड ने पैराशूट तान दिया।

एक सेकंड के चार बटे दसवें हिस्से के भीतर यह पैराशूट पूरी तरह से फैल गया। नासा के मुताबिक, इस आकार वाले पैराशूट के खुलने की गति के हिसाब से देखा जाए तो यह इतिहास की सबसे तेज प्रक्रिया थी।

यह पैराशूट नायलोन, टेकनोरा और केवलर फाइबर से बनाया गया है। जेट प्रोपल्सन लेबोरेटरी (जेपीएल) कर एडवांस्ड सुपरसोनिक पैराशूट इंफ्लेशन रिसर्च एक्सपेरिमेंट (एस्पायर) परियोजना की एक श्रृंखला में साउंडिंग रॉकेटों का परीक्षण किया जा रहा है, जो मंगल 2020 मिशन पर इस्तेमाल किये जाने वाले पैराशूट को तैयार कर रहा है। नासा मंगल 2020 अभियान के तहत भारी उपकरणों को मंगल पर उतारेगा, जिसमें इस पैराशूट का इस्तेमाल किया जाएगा।

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