भारत ने रमेश चंद को एफएओ प्रमुख के लिए नामित किया

संयुक्त राष्ट्र। भारत ने नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद को खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के नए महानिदेशक के पद के लिए नामित किया है। उनके मुकाबले में इस पद के लिए चीन और तीन अन्य देशों के उम्मीदवार होंगे। एफएओ ने सोमवार को इस पद के चुनाव के लिए नामित उम्मीदवारों की घोषणा की। जून में संगठन के वर्तमान अध्यक्ष ब्राजील के अर्थशास्त्री जोस ग्राजियानो डा सिल्वा के उत्तरीधिकारी का चुनाव किया जाएगा, जो 2011 से दो कार्यकाल के लिए इस पद पर अपनी सेवारत हैं।

इस पद के लिए नामित उम्मीदवारों की सूची में शामिल अन्य उम्मीदवार चीन के क्यू डोंनग्यू, कैमरून के मेडी मोंगुई, फ्रांस के कैथरीन गेसलेन-लेनीले और जॉर्जिया के डैविट किर्वालिड्ज हैं। एफएओ के 194 सदस्य इसके अगले प्रमुख का चुनाव साधारण बहुमत से करेंगे। अर्थशास्त्री रमेश चंद नीति आयोग के सदस्य हैं और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है।

उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) से कृषि अर्थशास्त्र में पीएचडी की है और वह नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि अर्थशास्त्र और नीति अनुसंधान संस्थान के निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं। चीन के सहायता और ऋण कार्यक्रमों के जरिए विकासशील देशों पर उसके प्रभाव को देखते हुए चांद को क्यू से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने की उम्मीद है।

एफएओ विशेषज्ञों का हवाला देते हुए संगठन पर करीबी से नजर रखने वाले पब्लिकेशन इटैलियन इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने चीन को अपना उम्मीदवार न उतारने के लिए राजी करने का प्रयास किया था ताकि एशियाई वोट न बंटें। रिपोर्ट के मुताबिक, "चीन से भारी सहायता प्राप्त करने वाले कई अफ्रीकी देश कैमरून के लिए वोट न करने के दबाव में आ सकते हैं जो सभी अफ्रीकी देशों का समर्थन होने का दावा करता है।"

अब तक केवल एक ही भारतीय बिनय रंजन सेन ने एफएओ की अध्यक्षता की है, जो 1956 से 1967 तक इसके महानिदेशक रहे थे। अगले महानिदेशक को जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता को क्षति और बढ़ती वैश्विक आबादी की खाद्य जरूरतों को पूरा करने की चुनौतियों से निपटने में संगठन का नेतृत्व करना होगा।

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