रविवार खास

कब तक तरसेगा बचपन?

श्रीशचंद्र मिश्र मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में भारत में बच्चों की दयनीय स्थिति समय-समय पर उजागर होती रही है। यह सबसे बड़ी सामाजिक विडंबना है और और पढ़ें....

पढ़ाई की जगह मजदूरी

श्रीशचंद्र मिश्र शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाने वाला कानून पास होने के बाद 2015 तक सभी बच्चों को साक्षर बनाने का सरकारी लक्ष्य तय कर लिया गया था। नतीजा क्या और पढ़ें....

अपराध की जकड़न

श्रीशचंद्र मिश्र हाईकोर्ट ने पिछले दिनों दिल्ली सरकार से पूछा कि बच्चों से जुड़े अपराधों के लिए उसने क्या ‘पॉकसो’ (प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रन फ्राम और पढ़ें....

हवा का रुख क्या बदल रहा?

सत्येंद्र रंजन  हवा का रुख बदल रहा है- सोशल मीडिया और आम बातचीत के दायरे में ये बात अब अक्सर सुनने को मिल रही है। मामला नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का है। और पढ़ें....

सुरक्षा को खतरा कम गंभीर नहीं!

श्रीशचंद्र मिश्र असम के गृह व राजनीतिक विभाग ने राज्य को छह महीने के लिए अशांत क्षेत्र घोषित कर ‘एएफएसपीए’(अफस्पा) लागू कर दिया है। आतंरिक सुरक्षा और पढ़ें....

आतंकवाद का ज्यादा खतरनाक चेहरा 

श्रीशचंद्र मिश्र खाड़ी के देशों से हवाला के जरिए आ रही रकम के सहारे आत्मघाती दस्ते तैयार करने की मुहिम जारी है। यह कवायद सालों से हो रही है लेकिन पिछले और पढ़ें....

अपराध की भेंट चढ़ते रिश्ते

श्रीशचंद्र मिश्र विजातीय होते हुए भी उन्होंने प्रेम के सहारे जीवन बीताने का संकल्प किया। लेकिन चार साल में ही रिश्तों के तार उलझ गए। पति ने पत्नी को और पढ़ें....

नौकरशाहों पर नकेल कसना भी जरूरी है

ललित गर्ग इन दिनों नौकरशाहों की कार्यशैली पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की टिप्पणियां सामने आ रही है, नौकरशाही पर इस तरह की टिप्पणियां कोई नई बात और पढ़ें....

जीएसटीः बाजार का सब कुछ बिगड़ा

निरंजन परिहार बाजार की हालत ठीक नहीं है। व्यापारी परेशान हैं। उनमें भी ज्वेलर सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। गोल्ड की खरीद पर पैन कार्ड़ पहले से ही और पढ़ें....

राहुल गांधी क्या बन सकते विकल्प?

सत्येंद्र रंजन राहुल गांधी ने कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी- बर्कले में दिए अपने बहुचर्चित भाषण में कहा कि 2012 आते-आते कांग्रेस अहंकार का शिकार हो गई। वह और पढ़ें....

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