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गेट परीक्षा में सफलता के लिए 9 स्टेप

गेट का फुल फॉर्म है ‘ग्रेजुएट एप्टीटियूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग’। यह आल इंडिया एग्जाम है, जो मास्टर डिग्री के लिए इंजीनियरिंग के सभी विषयों के लिए होता है। गेट एग्जाम का आयोजन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस, देश की सातों आईआईटी, नेशनल कोर्डिनेशन बोर्ड-गेट, डिपार्टमेंट ऑफ़ हायर एजुकेशन, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारत सरकार मिल कर करती है।

एक उम्मीदवार के गेट स्कोर उसके गेट में प्रदर्शन को दर्शाते है, जिस स्कोर का प्रयोग कर उम्मीदवार अलग अलग पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षा कार्यक्रम जैसे मास्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग, मास्टर ऑफ़ टेक्नोलॉजी, डॉक्टर ऑफ़ फिलोस्फी में दाखिला ले सकते है।

इन संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता मानव संसाधन विकास मंत्रालय और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। अभी कुछ समय पहले से गेट स्कोर का उपयोग, कुछ भारतीय पब्लिक सेक्टर में इंजीनियरिंग स्टूडेंट के भर्ती के लिए होने लगा है। यह भारत में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक है। पुरे विश्व में आईआईटी की सफलता को देखते हुए, गेट को भी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे ‘नान्यांग टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, सिंगापूर’ द्वारा मान्यता प्राप्त है।

गेट एग्जाम में उम्मीदवार की योग्यता

इंजीनियरिंग/टेक्नोलॉजी/आर्किटेक्चर में स्नातक डिग्री (10+2, पोस्ट बीएससी, पोस्ट डिप्लोमा के बाद 4 साल की डिग्री)

इनमें से फाइनल इयर के विद्यार्थी भी गेट में बैठ सकते है।

विज्ञान / गणित / सांख्यिकी / कम्प्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर डिग्री धारक या इन ब्रांच में फाइनल इयर के विद्यार्थी

गेट एग्जाम पाठ्यक्रम  –

  • गेट पेपर           कोड           गेट पेपर           कोड
  • एयरोस्पेस इंजीनियरिंग           AE    इंस्ट्रूमेंटशन इंजीनियरिंग    IN
  • एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग       AG    मैथमेटिक्स           MA
  • आर्किटेकचर एंड प्लानिंग       AR    मैकेनिकल इंजीनियरिंग    ME
  • बायोटेक्नोलॉजी                    BT    माइनिंग इंजीनियरिंग       MN
  • सिविल इंजीनियरिंग              CE    मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग    MT
  • केमिकल इंजीनियरिंग           CH    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग       PE
  • कंप्यूटर साइंस एंड इन्फॉर्मेशन फिजिक्स    PH
  • टेक्नोलॉजी               CS    प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल
  • कैमिस्ट्री                  CY    इंजीनियरिंग       PI
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन    
  • टेक्सटाइल इंजीनियरिंग एंड इंजीनियरिंग    EC  फाइबर साइंस     TF
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग       EE    इंजीनियरिंग साइंस       XE
  • इकोलॉजी एंड एवोलूशन       EY    लाइफ साइंस       XL
  • जियोलॉजी एंड जिओफिजिक्स       GG      

उम्मीदवार के द्वारा चुने गए विषय के पाठ्यक्रम के अलावा पेपर में 10 जनरल एप्टीटीयूड प्रश्न भी आते हैं।

गेट रिजल्ट और टेस्ट स्कोर

गेट एग्जाम का रिजल्ट पेपर होने के लगभग एक महीने बाद आता है। रिजल्ट में उम्मीदवार द्वारा प्राप्त किये गए टोटल अंक, गेट स्कोर, आल इंडिया रैंक एवं कटऑफ मार्क्स बताया जाता है। रिजल्ट की घोषणा के बाद गेट स्कोर 3 साल तक वैध रहता है। गेट स्कोर कार्ड केवल योग्य उम्मीदवारों का ही जारी किया जाता है।

गेट एग्जाम की तैयारी कैसे करें

गेट एग्जाम में हर साल लाखों में उम्मीदवार बैठते है। हर साल उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती ही जाती है। गेट परीक्षा को पास करने के लिए अच्छी रणनीति की जरूरत होती है। आज हम आपको गेट परीक्षा को अच्छे से पास करने के लिए कुछ टिप्स देंगें, जिन्हें अपनाकर आपको पढाई में कुछ हद तक मदद मिलेगी।

स्टेप:1 – गेट परीक्षा के बारे में जानकारी

  • गेट पेपर के पहले उसके बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त कर लें।
  •  यह 3 घंटे का पेपर होता है, जिसमें 65 प्रश्न आते है। जिसमें वैकल्पिक और संख्यात्मक जबाब वाले प्रश्न होते है।

स्टेप:2 – विषय और पाठ्यक्रम के बारे में अच्छे से जानकारी

  • गेट में बहुत सारे पाठ्यक्रम है, तो आप अच्छे से इन पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी हासिल कर लें।
  • अपने ज्ञान के अनुरूप पाठ्यक्रम का चुनाव करें, और उसके अनुसार पढाई शुरू करें।
  • पिछले सालों के पेपर पढ़ कर विषय के बारे में जानकारी हासिल करे, और एक गेट एग्जाम में स्कोर के लिए एक लक्ष्य निश्चित करें।

स्टेप:3 – अच्छी बुक और मटेरियल का चुनाव

  • गेट परीक्षा की शुरुवात में सबसे पहले अच्छी बुक और मटेरियल का चुनाव जरुरी है।
  • एक सब्जेक्ट के लिए 1-2 बुक काफी है। हमेशा पढने के लिए सबसे पहले प्राथमिकता बुक को दें, उसके बाद कोई और रिसोर्स को अपनाएं।
  • इसके अलावा आप ऑनलाइन विडियो लेक्चर, कोर्स मटेरियल, कोचिंग नोट्स से भी पढाई कर सकते है।
  •  आप गेट के लिए उसी बुक को चुनने का प्रयास करें, जिससे आपने ग्रेजुएशन के समय पढाई की थी।

स्टेप:4 – याद रखने योग्य बातें

  •  पहले के सालों के प्रश्न पेपर को अच्छे से पढ़ें और समझे, उसके द्वारा पेपर के पैटर्न को समझें।
  • इन पेपर को ज्यादा से ज्यादा सोल्व करें।
  • कांसेप्ट को समझते हुए, प्रैक्टिस टेस्ट दें, साथ ही रोज रिवीजन करें।
  • गेट में ज्यादातर सवाल वैचारिक और संख्यात्मक होते है, इसलिए आप कोशिश करें, कम समय में ज्यादा से ज्यादा सवाल हल कर अधिक स्कोर ला सकें।

स्टेप:5 – गेट परीक्षा के लिए योजना बनायें

  • 4-8 महीने की तैयारी गेट में अच्छा स्कोर दिला सकती है।
  • हर सब्जेक्ट को उचित समय देने के लिए रोज का या सप्ताह के अनुसार प्लान बनायें।
  •  योजना में आप रिवीजन, प्रैक्टिस टेस्ट और सभी पाठ्यक्रमों का पूरा होना शामिल करें।
  • अपने रोज के कामों के अनुसार, टाइम टेबल बनायें। एक बार आप रोजाना फिर साप्ताहिक और फिर महीने के रूप में टाइम टेबल के अनुसार चलने लगे तो आपको परीक्षा में जरुर अच्छा परिणाम मिलेगा।

स्टेप:5 – पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए योजना का पालन करना

  • टाइमटेबल में ऐसे विषय पहले रखें जो सरल और जरुरी है। टोपर के अनुसार गणित और एक बेसिक टेक्निकल सब्जेक्ट से शुरुवात करनी चाहिए।
  • एक विषय को पूरा करने के लिए एक के बाद एक टॉपिक को पढ़ें।
  • टॉपिक पढ़ते समय साथ में ही रिवीजन के लिए नोट्स बनाते जाएँ, जिसमें मुख्य परिभाषा, फार्मूला आदि लिखते जाएँ।
  •  सभी टॉपिक पढने के बाद टॉपिक के अनुसार पिछले सालों के गेट के पेपर सोल्व करें।
  •  हर टॉपिक और विषय के अनुसार क्विज और टेस्ट दें, जिससे आपकी परफॉरमेंस का पता चलेगा।
  • अपने सारे संदेह को तैयारी के समय ही दूर कर लें।
  • अपने संदेह को दूसरों के साथ बाटें, उसके बारे में चर्चा करें। साथी लोगों के साथ टेस्ट, क्विज में हिस्सा लें, इससे आप अपनी तुलना दूसरों से कर पायेंगें।
  •  प्रैक्टिस टेस्ट के दौरान आपको अपने कमजोर टॉपिक और विषय में बारे में भी पता चलेगा, जिससे आप अपनी कमजोरी को समझते हुए उन विषय पर अधिक ध्यान दे सकेंगें।

स्टेप:6 – गेट की तैयारी का रिवीजन 

  • रिवीजन नोट्स बस बनाना काफी नहीं है, उसका रोज अभ्यास भी जरुरी है।
  • रिवीजन नोट्स को हफ्ते में एक बार पढ़ें, इससे आपके तैयार सब्जेक्ट के कांसेप्ट भी आपको याद आते जायेंगें।
  • जैसे-जैसे किसी टॉपिक या विषय को बार-बार आप रिवाइस करते जायेंगें, वैसे वैसे आपको रिवीजन में कम समय लगेगा और कांसेप्ट क्लियर हो जायेंगें।

स्टेप:7 – मोक (Mock) टेस्ट की प्रैक्टिस

  • मोक टेस्ट की तैयारी आप दो तरीके से कर सकते है। एक आप खुद से रोजाना तैयारी कर सकते है, दूसरा ऑनलाइन मोक टेस्ट दे सकते है।
  • मोक टेस्ट देने से आपके प्रदर्शन में सुधार आएगा। इसमें आपको पता चलेगा कि किस सवाल में आप कितना समय ले रहे है, और कितने जबाब सही निकलते है।

स्टेप:8 – आखिरी चरण में रिवीजन

  • इस समय आपको रिवीजन और प्रैक्टिस दोनों को समय देना होगा।
  • ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस टेस्ट दें। हर टेस्ट के बाद देखें कौनसे टॉपिक में आप कमजोर है, उसके बाद उसका रिवीजन अच्छे से करें।
  •  आपको रोजाना 2-5 प्रैक्टिस टेस्ट देने होंगें, साथ ही प्रैक्टिस के दौरान सारे कांसेप्ट याद रखें।
  •   इस चरण में आपका आत्मविश्वास दिन पे दिन बढ़ता जायेगा।

स्टेप:9 – अंतिम मिनट की रणनीति

  • आखिरी के 2 दिनों में कोई भी नया टॉपिक नहीं पढ़ें।
  • ये दो दिनों में रिवीजन में अधिक ध्यान दें।
  • एडमिट कार्ड तैयार कर लें, सेंटर के बारे में पता कर लें।
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