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फिर भारत पर तोहमत

canada election

canada election  : कनाडा के एक अखबार की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कंजरवेटिव पार्टी के नेता के चुनाव को प्रभावित करने के लिए भारत ने बड़ी रकम खर्च की थी। यह चुनाव 2022 में हुआ, जिसमें पियरे पॉलिवर नेता चुने गए।

आम चुनाव कनाडा में होने वाले हैं और मुद्दा भारत बन गया है। वहां के एक अखबार ने रिपोर्ट छापी है कि कंजरवेटिव पार्टी के नेता के चुनाव को प्रभावित करने के लिए भारत ने बड़ी रकम खर्च की थी।

यह चुनाव 2022 में हुआ, जिसमें पियरे पॉलिवर नेता चुने गए। ताजा रिपोर्ट ने पॉलिवर के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं, हालांकि उन्होंने सफाई दी है कि ऐसी किसी कोशिश का लाभ उन्हें नहीं मिला था। (canada election)

उनका दावा है कि वे “स्वच्छ” प्रक्रिया से नेता निर्वाचित हुए। कनाडाई मीडिया के मुताबिक ताजा रिपोर्ट का संबंध उस पुराने आरोप से है, जिसमें कहा गया था कि भारत कनाडा की अंदरूनी राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश में जुटा रहा है। भारत ने हर ऐसे इल्जाम का सिरे से खंडन किया है।

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कनाडा के अगले प्रधानमंत्री ? (canada election) 

फिर भी कनाडा में यह मामला थोड़े-थोड़े समय पर गरमाता रहा है। अब यह तब चर्चित हुआ है, जब 28 अप्रैल को 343 सदस्यों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स के चुनाव के लिए मतदान की घोषणा हो चुकी है। इस रिपोर्ट ने पॉलिवर की संभावनाओं पर नई चोट की है।

अभी कुछ महीने पहले तक उनकी लोकप्रियता परवान चढ़ रही थी। तब यह मान कर चला जा रहा था कि वे कनाडा के अगले प्रधानमंत्री होंगे।

मगर अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ जैसा आक्रामक तेवर अपनाया, उसने कनाडा के सियासी समीकरण बदल दिए हैं। (canada election)

यह विडंबना ही है कि एक समय पॉलिवर को ‘कनाडा का ट्रंप’ कहा जाता था, लेकिन अब देश में बने माहौल के कारण उन्हें रोजमर्रा के स्तर पर ट्रंप विरोधी बयान देने पड़ रहे हैं। फिर भी उनकी लोकप्रियता संभल नहीं रही है।

दूसरी तरफ लिबरल पार्टी ने मार्क कॉर्नी को चुन कर लगभग हाथ से निकल चुकी बाजी को संभाल लिया है। ऊपर से पॉलिवर पर ताजा रिपोर्ट की मार पड़ी है। (canada election)

ऐसे में अगले एक महीने में अगर माहौल में कोई नाटकीय बदलाव नहीं आया, तो एक समय बेहद करीब दिख रही प्रधानमंत्री पद की कुर्सी उनसे दूर ही बनी रह जाएगी। ऐसा हुआ, तो यह कंजरवेटिव पार्टी की लगातार तीसरी हार होगी।

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