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आखिर ये लापरवाही क्यों?

संपादकीय-2
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अगर पर्यावरण मंत्रालय 2015 में थर्मल पावर प्लांट के लिए जारी उत्सर्जन मानकों की अधिसूचना को लागू करता, तो देश में 76 हज़ार मौतों से बचा जा सकता था। ये निष्कर्ष गैर सरकारी संस्था ग्रीन पीस का है। कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के उत्सर्जन मानकों को लागू करने की समयसीमा समाप्त होने के एक साल बाद ग्रीनपीस इंडिया ने एक खास रिपोर्ट जारी की। इस विश्लेषण में यह सामने आया कि अगर मानकों को लागू किया जाता तो सल्फर डॉयक्साइड में 48 प्रतिशत, नाइट्रोडन डॉयक्साइड में प्रतिशत और पीएम के उत्सर्जन में 40 प्रतिशत तक कि कमी की जा सकती थी।

इन मानको को लागू करने की समयसीमा 7 दिसंबर 2017 को रखा गया था। एक साल बीतने के बाद भी पावर प्लाट के उत्सर्जन में बेहद कम नियंत्रण पाया जा सका है। इसी साल सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि उर्जा मंत्रालय का कोयला आधारित पावर प्लांटों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने का कोई इरादा नहीं दिखता। इतना ही नहीं कोर्ट ने 2022 तक इन मानको को लागू करने का आदेश भी दिया। ग्रीनपीस के विश्लेषण के अनुसार अगर इन मानकों के अनुपालन में पांच साल की देरी की जाती है, तो उससे 3.8 लाख मौत हो सकती है। ग्रीनपीस का अनुमान है कि सिर्फ नाइट्रोडन डॉयक्साइड के उत्सर्जन में कमी से 1.4 लाख मौतों से बचा जा सकता है। इस अनुमान में कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के नए उपक्रम को शामिल नहीं किया गया है। मुमकिन है कि ग्रीनपीस ने अनुमान बढ़ा-चढ़ाकर लगाए हों। लेकिन यह तथ्य है कि थर्मल पावर प्लांट के लिये उत्सर्जन मानको को लागू करना पिछले कुछ दशक से लटका हुआ है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि उर्जा मंत्रालय और कोयला संचालित बिजली पावर प्लांट कंपनियां इन मानकों को लागू करने से बच रही हैं। जबकि उन्हें समझना चाहिए कि भारत में वायु प्रदूषण की वजह से लोगों का स्वास्थ्य संकट में है और थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाला उत्सर्जन इसकी बड़ी वजहों में से एक है। बेशक भारत को तत्काल उत्सर्जन मानकों को पूरा करने और नए कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को रोक कर अक्षय ऊर्जा की तरफ बढ़ने की जरूरत है। यह पर्यावरण के लिए सिर्फ अच्छा नहीं है बल्कि सतत विकास के लिए भी प्रदूषित कोयले से बेहतर है। यह जरूरी है कि पर्यावरण मंत्रालय जल्द से जल्द थर्मल पॉवर प्लांट को प्रदूषण के लिए उत्तरदायी बनाए। साथ ही सारे थर्मल पावर प्लांट्स को तत्काल उत्सर्जन मनको को हासिल करना चाहिए।

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