अक्षय ऊर्जा का ही सहारा

संपादकीय-2
ALSO READ

पोलैंड के काटोवित्से में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन से ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं। जब अमेरिका इसमें शामिल ही नहीं है, तो वहां जो भी समझौता हो उसका कोई ज्यादा प्रभाव नहीं होगा। बहरहाल, यह गौरतलब है कि वहां अक्षय ऊर्जा के स्रोतों पर नई रोशनी पड़ी। इसके उपयोग पर जोर देने वाले देशों में भारत भी शामिल रहा। भारत और चीन ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के वैश्विक मंच का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए किया कि बिना जीवाश्म ईंधन के भी वे अपना आर्थिक विकास जारी रख सकते हैं। चीन वायु और सौर ऊर्जा की तकनीक के मामले में दुनिया का अगुआ बना हुआ है। वह हरित विकास के क्षेत्र में अपनी छवि को कायम रखने की लगातार कोशिश कर रहा है। ध्यानार्थ यह है कि ये दोनों देश एक तरफ भारी प्रदूषण से जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ दुनिया की करीब एक चौथाई आबादी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सस्ती ऊर्जा की चुनौती का सामना कर रहे हैं। 

भारत के लिए भविष्य की ऊर्जा का स्रोत सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा होगी। सरकार को उम्मीद है कि इनके दम पर अगले 10 सालों में वह कोयले पर अपनी निर्भरता काफी कम कर लेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत के पास औद्योगिक अर्थव्यवस्था के विकास के शुरुआती चरण में होने का फायदा है। भारत कोयला या फिर परमाणु उर्जा पर निर्भर हुए बगैर भी विकास कर सकता है। भारत शुरुआत से ही हरित अर्थव्यवस्था को विकसित करने पर काम कर सकता है। बहरहाल, भारत भले ही कोयला से चलने वाला नया बिजलीघर नहीं बना रहा, लेकिन पहले से चल रहे बिजलीघरों को चलाने के लिए भी काफी निवेश करना पड़ रहा है। माना जाता है कि भारत फिलहाल प्रदूषण को रोक पाने में असमर्थ है। लेकिन एक साफ सुथरे भविष्य और देश की उर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा पर दांव लगा रहा है। उधर ऊर्जा के लिए यह एक बड़ी चुनौती है। 2015 में सरकार ने 100 गीगावाट सौर ऊर्जा हासिल करने का लक्ष्य रखा था। 2015 से 2018 के बीच 23 गीगावाट बिजली आने लगी है। हर एक मेगावाट सौर उर्जा का मतलब है कि सड़क पर से 50 गाड़ियों का हट जाना। ये अच्छी बात है, लेकिन कुल इरादे को जमीन पर उतारने के लिए अभी एड़ी-चौटी का जोर लगाना होगा। 

111 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।