Loading... Please wait...

सजा की सख्ती पर भरोसा

वर्तमान केंद्र सरकार संभवतः अपराध खत्म करने का एकमात्र तरीका जानती है। वो यह कि कानून को अधिक से अधिक सख्त बना दो। उसे लगता है कि मौत की सजा के प्रावधान से अपराधी डर जाते हैं। इसलिए अगर हर अपराध की सजा के रूप में मृत्युदंड का प्रावधान कर दिया जाए तो बात बन जाएगी। जाहिर है, सरकार ने अतीत, इतिहास और अपराध के समाजशास्त्र से कोई सीख नहीं ली है। वह संभवतः ऐसा करना भी नहीं चाहती। नतीजतन, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यौन अपराधों से बाल संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के बाद 18 साल से कम उम्र के बच्चों (लड़का/लड़की) के साथ आक्रामक यौन उत्पीड़न करने वाले दोषी व्यक्ति को मौत की सजा दी जा सकेगी।

इसमें बच्चों के साथ होने वाले 21 तरह के यौन अपराधों को शामिल किया गया है। मौजूदा कानून में आक्रामक यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों के लिए दोषियों को 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा दी जाती थी। कानून में संशोधन के बाद इन अपराधों के लिए दोषियों को 20 साल से लेकर मौत की सजा दी जा सकेगी। नए प्रावधानों का एलान करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण होना जरूरी है इसलिए मंत्रिमंडल ने यौन अपराधों से बाल संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में संशोधन को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि अधिनियम की धारा चार, पांच और छह में संशोधन किए जाने का प्रस्ताव किया गया है। यह अधिनियम 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति को बच्चा परिभाषित करता है। बयान के मुताबिक यह लैंगिक रूप से निरपेक्ष कानून है, जिसमें 18 साल से कम उम्र के लड़का और लड़की दोनों को ही शामिल किया गया है। संशोधन में बच्चों8 को जल्दम बड़ा या समय से पहले उन्हें यौन रूप से परिपक्व करने के लिए किसी भी तरीके से हार्मोन या कोई रासायनिक पदार्थ देने के मामले में अधिनियम की धारा – नौ में संशोधन करने का भी प्रस्तादव किया गया है। इसके साथ ही बच्चों के पोर्नोग्राफिक कंटेट से जुड़ी हुई धाराओं में भी बदलाव किया गया है। बच्चों के साथ रेप, हत्या की कोशिश, सांप्रदायिक हिंसा के दौरान रेप, लगातार यौन उत्पीड़न करने वालों के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों का यौन उत्पीड़न करने के केस में दोषियों को मौत की सजा दी जा सकेगी।

127 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2019 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech