संपादकीय-1

साख का गहराया सवाल

नरेंद्र मोदी के शासनकाल में आर्थिक आंकड़े अविश्वसनीय हो गए हैं, यह शिकायत अब काफी गहरी हो चुकी है। मीडिया में चर्चित इन बातों की तस्दीक अब सौ से ज्यादा और पढ़ें....

भाजपा को एतराज क्यों?

निर्वाचन आयोग ने केरल में राजनीतिक दलों को आगाह किया है कि केरल में सबरीमला मंदिर मामले को चुनाव प्रचार का मुद्दा ना बनाएं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने और पढ़ें....

बीजेडी की अहम पहल

महिला उम्मीदवारों के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित करने का बीजू जनता दल (बीजेडी) का फैसला ऐतिहासिक है। वह देश का पहला राजनीतिक दल है जिसने ये निर्णय लिया है। और पढ़ें....

गंगा की ऐसी सफाई!

यह नया तथ्य सामने आया है कि गंगा सफाई के लिए बनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली ‘राष्ट्रीय गंगा परिषद’ (नेशनल गंगा काउंसिल या एनजीसी) की और पढ़ें....

विपक्षी एलायंसः बात बने तो अच्छा

विपक्ष अपनी संभावनाओं पर काफी कुल्हाड़ी मार चुका है। इसकी शुरुआत पिछले साल विधानसभा चुनावों के दौरान ही हो गई, जब छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में और पढ़ें....

अनिल अंबानी को एक और बड़ा ठेका!

फिलहाल मीडिया की चर्चा से क्रोनी कैपिटलिज्म गायब है। इसलिए कई ऐसी घटनाएं नजरों से निकल जाती हैं, जिन पर सामान्य स्थितियों में गरमागर्म चर्चा होती। और पढ़ें....

शोर और वाजिब सवाल

एक अंग्रेजी अखबार ने अपनी लीड हेडिंग में खबर दी कि भारत में बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। उसके नीचे उसने नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगाई और लिखा कि और पढ़ें....

रक्षा तैयारी का चिंताजनक हाल

पाकिस्तान से बढ़े तनाव का एक चिंताजनक परिणाम भारत की कमजोर रक्षा तैयारियों पर ध्यान जाना है। विदेशी अखबारों पर यकीन करें तो संकेत मिलता है कि भारत और पढ़ें....

प्रधानमंत्री की संवेदनहीनता!

विकलांग से सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, ये आज बुनियादी अपेक्षा है। विकलांगता का मजाक ना उड़ाया जाए, यह भी बुनियादी तकाजा है। लेकिन जब कोई ऐसा नहीं करता तो और पढ़ें....

सुप्रीम कोर्ट की जरूरी सख्ती

सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप से पर्यावरण के लिए चिंतित लोगों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने हरियाणा सरकार के खिलाफ जो सख्ती दिखाई, दरअसल उससे और पढ़ें....

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