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04-04-2025 Vol 19
चुनाव में है क्या जो लिखें?

चुनाव में है क्या जो लिखें?

ये चुनाव इस बात के लिए जरूर महत्वपूर्ण है कि कांग्रेस का वोट कितना प्रतिशत बढ़ता है?
कांग्रेस की एक एक सीट भी छीननी

कांग्रेस की एक एक सीट भी छीननी

2014 में कांग्रेस को 44 और 2019 में 52 सीटें मिली थीं। इस बार 37 सीटों का अनुमान जाहिर किया जाता है।
भाजपा के इस दांव में खतरे भी

भाजपा के इस दांव में खतरे भी

लेकिन क्या भाजपा इस दांव में कामयाब हो पाएगी? कई बार इस तरह के दांव उलटे पड़ते हैं। कई बार कमजोर के प्रति सहानुभूति होती है।
भाजपा को गठबंधन का सहारा

भाजपा को गठबंधन का सहारा

भाजपा उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक गठबंधन बनाने में जुटी है, जिसका मकसद किसी तरह से बहुमत हासिल करना है।
गडकरी अच्छे या मोदी?

गडकरी अच्छे या मोदी?

मनुष्यता की कसौटी में सत्य से जीने वाले समझदारों में यदि जन सर्वेक्षण हो, भाजपा-संघ के भीतर भी सर्वे हो तो नतीजा क्या होगा? मेरा मानना है गडकरी जीतेंगे,...
मोदी तानाशाह नहीं,  हिंदू गुलाम!

मोदी तानाशाह नहीं, हिंदू गुलाम!

मोदी तानाशाह नहीं, बल्कि भयाकुल, असुरक्षित नेतृत्व की मिसाल हैं। नरेंद्र मोदी का शासन उसी चरित्र का है, जो दिल्ली के पिछले प्रधानमंत्रियों, बादशाहों का था। pm narendra modi...
भयाकुल नस्ल के पावरफुल

भयाकुल नस्ल के पावरफुल

देश में शक्ति का एकमात्र स्रोत नरेंद्र मोदी हैं और बाकी लोगों के पास आभासी ताकत है। सब उनकी शक्ति से ताकत पाते हैं। Most Powerful Indians
मंडी में मनीष सिसोदिया नहीं बिके!

मंडी में मनीष सिसोदिया नहीं बिके!

मनीष सिसोदिया के जेल में एक साल पूरे होने की खबर सुनी तो लगा यह बंदा अलग निकला। इसने भाजपा के आगे सरेंडर नहीं किया। Manish sisodia
गुजरात में चिंता!

गुजरात में चिंता!

क्या संभव है जो लोकसभा चुनाव में गुजरात की किसी एक भी सीट पर नरेंद्र मोदी का उम्मीदवार हार जाए?
400-400 ही क्यों, 500 क्यों नहीं?

400-400 ही क्यों, 500 क्यों नहीं?

2004 में शाइनिंग इंडिया और अब विकसित भारत से 400 सीट का शोर इस बात का प्रमाण है कि ढोलबाजी में भाजपा का जवाब नहीं है।
विपक्ष भले मरा हो पर वोट ज्यादा!

विपक्ष भले मरा हो पर वोट ज्यादा!

तभी लाख टके का सवाल है कि 400 सीटों के हल्ले में भी क्या भाजपा चालीस प्रतिशत वोट पाने का सामान्य आंकड़ा भी पा सकेगी?
बिहार, झारखंड में कांटे की लड़ाई

बिहार, झारखंड में कांटे की लड़ाई

भारतीय जनता पार्टी 370 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिन राज्यों में पिछली बार का प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद कर रही है उनमें बिहार और झारखंड दोनों...
विपक्ष के गढ़ में क्या खिलेगा कमल?

विपक्ष के गढ़ में क्या खिलेगा कमल?

यह भी अहम सवाल है कि क्या भाजपा किसी ऐसे राज्य में चुनाव जीत पाएगी, जहां इससे पहले वह कभी नहीं जीती है? Lok Sabha elections 2024
महाराष्ट्र, कर्नाटक, बंगाल पर दारोमदार

महाराष्ट्र, कर्नाटक, बंगाल पर दारोमदार

भाजपा के 370 सीटों के लक्ष्य के लिहाज से सबसे बड़ा खड्डा महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में हो सकता है। Lok Sabha elections 2024
मोदी की माया में सत्य (किसान)

मोदी की माया में सत्य (किसान)

मुझे नहीं लगता नरेंद्र मोदी और उनके सलाहकार कभी फुरसत पाते होंगे? कभी ईमानदारी से मन में सोचा होगा कि उन्होंने दस वर्षों में पुण्य कमाया या पाप?
चुनावी बॉन्ड्स: काले-सफेद की माया!

चुनावी बॉन्ड्स: काले-सफेद की माया!

मैं शुरू में चुनावी बॉन्ड्स योजना को अच्छा मानता था। आखिर चुनाव में काले धन का सत्य सर्वमान्य है।
महिला आरक्षण की मृग मरीचिका

महिला आरक्षण की मृग मरीचिका

प्रधानमंत्री ने एक दूसरी जाति बताई है महिलाओं की। उनको सरकार की ओर से आरक्षण की मृग मरीचिका दिखाई गई है।
रोजगार मेले का झुनझुना

रोजगार मेले का झुनझुना

अगर युवाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की शुरुआत कौशल विकास के साथ हुई थी। इसके लिए अलग मंत्रालय बनाया गया था।
गरीब को पांच किलो अनाज

गरीब को पांच किलो अनाज

प्रधानमंत्री की बताई चार जातियों में से एक जाति गरीब की है, जिसके बारे में सरकार की ओर से दावा है कि पिछले नौ साल में 25 करोड़ लोगों...
सफेद झूठ/काला झूठ!

सफेद झूठ/काला झूठ!

सोचे, जरा आर्थिकी कुव्यवस्था के आरोप पर? आर्थिक कुव्यवस्था के रिकार्ड में भला मोदी राज की नोटबंदी से बड़ा आजाद भारत के इतिहास में कोई दूसरा प्रतिमान है?
झूठ है अपना राजधर्म!

झूठ है अपना राजधर्म!

अगस्त 1947 से फरवरी 2024 का भारत सतत झूठ में जीता आया है। आगे भी वह झूठ में जीता रहेगा।
श्वेत पत्र, अधूरी सचाई

श्वेत पत्र, अधूरी सचाई

हर हिंदू को महाभारत की लड़ाई दौरान सत्यनिष्ठ युधिष्ठिर के आधा सच कहने का किस्सा मालूम होना चाहिए।
काठ की हांडी दोबारा चढ़ाने की कोशिश

काठ की हांडी दोबारा चढ़ाने की कोशिश

भारत सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले अपने 10 साल के राज की कामयाबियों के बारे में बताने के साथ साथ उससे 10 साल पहले के कांग्रेस राज की...
गरीबी पर गोलमाल

गरीबी पर गोलमाल

श्वेत पत्र में नहीं बताया गया कि किस आधार पर सरकार गरीबी का आकलन कर रही है।
विश्वास है, भक्त अंध हैं!

विश्वास है, भक्त अंध हैं!

अंतरिम बजट पर टीवी चैनल-मीडिया का नैरेटिव समय की सच्चाई है। मतलब सरकार आत्मविश्वास में है। और आगामी लोकसभा चुनाव…
संविधान का मजाक

संविधान का मजाक

सवाल है कि राज्यपाल विधानसभा में बहुमत के नेता को सरकार बनाने के लिए न्योता देने से कैसे रूके रह सकते हैं?
राम, राम थे न कि रावण!

राम, राम थे न कि रावण!

बिहार में नीतीश कुमार की पलटी के सिलसिले में मोदी सरकार के एक मंत्री अश्विनी चौबे ने पते की एक बात कहीं। उन्होने कहा- राम की कृपा से सब...
बिहार में राजनीतिक नैतिकता गटर में

बिहार में राजनीतिक नैतिकता गटर में

झारखंड में अगर संवैधानिक मर्यादा का मजाक बना तो उससे पहले बिहार में राजनीतिक नैतिकता का मजाक बना।
नगर निगम के लिए भी नैतिकता तार-तार!

नगर निगम के लिए भी नैतिकता तार-तार!

चंडीगढ़ नगर निगम के चुनाव में भाजपा ने जो किया वह राजनीति और संविधान दोनों की मर्यादा को तार तार करने वाला था। चंडीगढ़ में भाजपा का सात साल...
सबके अपने अपने राम-सीता

सबके अपने अपने राम-सीता

ऐसा नहीं है कि भगवान राम की भक्ति में सिर्फ भाजपा और नरेंद्र मोदी जुटे हैं। सभी पार्टियां किसी न किसी रूप में अपना हिंदुत्व और अपनी धार्मिकता को...
ऐतिहासिक घड़ी, राम को बैठाएं अंतस में!

ऐतिहासिक घड़ी, राम को बैठाएं अंतस में!

हम आस्थावान हिंदुओं का ऐतिहासिक समय है। इसलिए क्योंकि कुछ भी हो, 22 जनवरी 2024 के दिन अयोध्या, मंदिर, गर्भगृह और मूर्ति का हिंदू मन-मष्तिष्क में अमिट छापा होगा
उफ! ऐसी राजनीति, दुराव और अहंकार!

उफ! ऐसी राजनीति, दुराव और अहंकार!

ज्ञात इतिहास का संभवतः यह पहला मौका है जब इतिहासजन्य ग्रंथि के प्रतीक मंदिर विशेष की प्राण प्रतिष्ठा में भी हम हिंदू छोटे स्वार्थों, छोटी राजनीति और दुरावों में...
राजनीति क्या सधेगी?

राजनीति क्या सधेगी?

भाजपा और केंद्र व राज्यों की भाजपा सरकारों के साथ साथ राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद भी सारे वह काम कर रहे हैं, जिससे मंदिर का श्रेय...
राम के साथ काम का भी नैरेटिव

राम के साथ काम का भी नैरेटिव

भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा नहीं है कि सिर्फ राम नाम का नैरेटिव बना रहे हैं। अयोध्या में पूजा पाठ और अनुष्ठान के साथ साथ मोदी...
विन्ध्य पार भाजपा की ज्यादा तैयारी!

विन्ध्य पार भाजपा की ज्यादा तैयारी!

एकनाथ शिंदे के खेमें का असली शिवसेना घोषित होना अंहम सियासी संकेत है। इससे48 लोकसभा सीटों की चुनावी तस्वीर साफ हुई है। महाराष्ट्र में भाजपा अकेले अपने दम पर,...
भाजपा गढ़ सुरक्षित, सैंध मुश्किल

भाजपा गढ़ सुरक्षित, सैंध मुश्किल

शनिवार को जयपुर में बैठक है। इनमें मंदिर को लेकर माहौल और माहौल को दो-ढ़ाई महिने बनाए रखने के रोडमैप पर विचार होता है तो लोकसभा चुनाव की ठोस...
सात राज्यों में विपक्ष में क्यों दम?

सात राज्यों में विपक्ष में क्यों दम?

देश के सात राज्य ऐसे हैं, जहां भाजपा और विपक्षी गठबंधन के बीच जोरदार जोर-आजमाइश होगी।
कहां नहीं पहुंचेगी अयोध्या की हवा?

कहां नहीं पहुंचेगी अयोध्या की हवा?

भारतीय जनता पार्टी ने देश के बड़े हिस्से में 2024 के लिए अपना खेल सजा लिया है। पारंपरिक रूप से भाजपा के असर वाले इलाके अयोध्या में रामलला की...
दक्षिण में दो राज्य सबसे अहम

दक्षिण में दो राज्य सबसे अहम

दक्षिण में कर्नाटक और तेलंगाना दो राज्य पूरे देश की तस्वीर बदलने वाले हो सकते हैं। ध्यान रहे 2004 में जब सबसे अप्रत्याशित नतीजे आए थे तब आंध्र प्रदेश...
भीड़ में खोई जिंदगी!

भीड़ में खोई जिंदगी!

मैं पंद्रह-बीस दिन भीड़ में खोया रहा। दिल्ली की भीड़, ट्रेन की भीड़, शादी की भीड़, एयरपोर्ट की भीड़! और ठंड-ठिठुरन, प्रदूषण, बदबू, बदहजमी, धुंध में ऐसा फंसा कि...
लिखना क्यों? सार्थक क्या?

लिखना क्यों? सार्थक क्या?

अंग्रेजी पत्रकारों में भी तो नायनन, स्वामीनाथन अय्यर, शेखर गुप्ता, तवलीन, स्वप्नदास गुप्ता, प्रतापभानु मेहता, प्रभु चावला, बलबीर पुंज, जैसे मुश्किल से दर्जन भर पत्रकार होंगे जो दशकों से...
युवाओं की भीड़ का भदेस भारत!

युवाओं की भीड़ का भदेस भारत!

अगर यह सवाल पूछा जाए कि भारत के पास सबसे ज्यादा या बहुतायत में क्या है तो जवाब मुश्किल नहीं होगा। दुनिया में भारत के पास अब सर्वाधिक आबादी...
मध्य वर्ग और ‘क्रिमी’ भीड की दशा!

मध्य वर्ग और ‘क्रिमी’ भीड की दशा!

भारत में शिद्दत से अवसरों का तलाशता, छटपटाता एक छोटा सा मध्यवर्ग है। इसमें वे लोग हैजो सरकारी नौकरी में है या पेंशन पाते है या संगठित क्षेत्र की...
बेतरतीब विकास और बीमार भारत

बेतरतीब विकास और बीमार भारत

विकास के क्या मायने है? इसकी भारत में कभी भी व्यवस्थित धारणा नहीं रही है। सब कुछ बेतरतीब तरीके से हुआ है।
कांग्रेस हमेशा गलत क्यों?

कांग्रेस हमेशा गलत क्यों?

तभी सोचें, राहुल गांधी और उनके सलाहकारों की मूर्खता पर! कश्मीरी पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी की विरासत संभाले ब्राह्मण राहुल गांधी के ओबीसी खोमचे पर।
विपक्ष नकल करता है अक्ल नहीं लगाता!

विपक्ष नकल करता है अक्ल नहीं लगाता!

क्या विपक्ष किसी ऐसे चेहरे को मोदी के आगे उतार सकता है, जिससे लोग ठिठक कर सोचें, हां, यह तो काबिल है, दमदार है और इसे ही वोट देना...
लालू, नीतीश, अखिलेश कैसे रोकेंगे मोदी का तूफान

लालू, नीतीश, अखिलेश कैसे रोकेंगे मोदी का तूफान

देश के बाकि क्षत्रप नेताओं की तरह लालू प्रसाद और नीतीश कुमार, अखिलेश यादवसभी इस मुगालते में हैं कि भाजपा ने राज्यों के चुनाव में कांग्रेस को हराया है,...
ममता की चुनौती सबसे बड़ी है

ममता की चुनौती सबसे बड़ी है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी की मुश्किलें बाकी क्षत्रपों से अलग हैं।