Loading... Please wait...

प्रवासी भारतीय दिवस के लिए 5802 लोगों का पंजीकरण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की प्राचीन धार्मिक सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में 21 से 23 जनवरी के बीच होने वाले 'प्रवासी भारतीय दिवस' के लिए अब तक 5802 लोगों का पंजीकरण हो चुका है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में दी।

सुषमा ने बताया कि इस बार के प्रवासी भारतीय दिवस में दो नये आकर्षण हैं, जिनके कारण आप पाएंगे कि पिछली बार के मुकाबले ढाई से तीन गुना पंजीकरण इस बार हुआ है और इसके लिए अब तक 5802 लोगों का पंजीकरण हो चुका है। दो नये आकर्षण के बारे में सुषमा ने बताया, ‘‘प्रयागराज में कुंभ मेला चल रहा है और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह होना है। ऐसे में एक स्वर से मांग आयी कि क्या प्रवासी भारतीय दिवस की नौ जनवरी की तारीख को आगे बढाकर ऐसा नहीं कर सकते कि हम कुंभ मेले में भी जा सकें और राजपथ पर परेड भी देख सकें।’’

विदेश मंत्री ने बताया कि इसी मांग की वजह से प्रवासी भारतीय दिवस की तिथि आगे बढायी गयीं। इस बार के प्रवासी भारतीय दिवस को हर मायने में खास बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जो पुराने लोग हैं, वो तो फिर भी भारत के बारे में कुछ जानते हैं लेकिन जो युवा हैं और नौजवान हैं, जिन्हें भारतवंशी कहा जाता है, वे आज भारत के बारे में नहीं जानते। जानते भी हैं तो भारत के बारे में होने वाले दुष्प्रचार को ही जानते हैं।’’ उन्होंने बताया, ‘‘इसी के चलते तय किया गया है कि 21 जनवरी को पूरा एक दिन केवल युवा प्रवासी भारतीय दिवस के लिए रखा जाएगा। उसी दिन उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवस भी होगा। सभी प्रवासी भारतीय युवा शाम को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय :बीएचयू: जाएंगे और वहां के छात्रों से उनका संवाद होगा।’’

सुषमा स्वराज ने बताया कि 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन करेंगे और 23 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द इसका समापन करेंगे। उन्होंने बताया कि इस पूरे आयोजन के दौरान प्रवासी भारतीयों को सम्मानित भी किया जाएगा और कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे । विदेश मंत्री ने बताया कि जब 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसकी शुरुआत की थी तो उन्होंने प्रवासी भारतीयों से कहा था कि ‘‘हमें आपका धन नहीं, अनुभव का लाभ चाहिए। तब से ये परंपरा चली आ रही है। योगी ने प्रवासी भारतीयों के रूकने की व्यवस्था के बारे में बताया, ‘‘काशी के बहुत से परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने इच्छा व्यक्त की थी कि जो अतिथि काशी पधार रहे हैं, उन्हें हम अपने घर में रूकवाना चाहेंगे। हमने कुछ परिवारों को चुना। प्रयास है कि पहली बार 'काशी आतिथ्य' के रूप में भी प्रवासी भारतीय दिवस पर आने वाले प्रवासी भारतीयों को भारतीय परिवारों में ठहराने की व्यवस्था करें।’’ उन्होंने बताया कि इसके अलावा स्विस काटेज का इंतजाम किया गया है और वाराणसी के प्रमुख होटलों को भी बुक किया गया है।

योगी ने बताया, ‘‘प्रवास के दौरान सभी अतिथि काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन करेंगे। उन्हें बदलती हुई काशी दिखायी जाएगी। वे गंगा आरती में शामिल होंगे। इस दौरान काशी की परंपरा और संस्कृति से जुडे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।’’ मुख्यमंत्री ने बताया, ‘‘उत्तर प्रदेश से जुडे प्रवासी भारतीयों का सम्मेलन 21 जनवरी को आयोजित किया गया है। लगभग 1000 लोगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया है।’’ योगी ने बताया, ‘‘प्रयागराज कुंभ में सभी अप्रवासी भारतीयों को लाने की व्यवस्था की जा रही है। प्रयागराज में भी एक टेन्ट सिटी बनाया गया है। उसमें उनके रूकने की व्यवस्था है। संगम ले जाने और लाने की व्यवस्था भी की गयी है । लगभग 400 वर्ष बाद अक्षय वट के दर्शन का सौभाग्य भी लोगों को मिलेगा। अब सरस्वती अदृश्य नहीं है बल्कि मां सरस्वती के दर्शन किये जा सकेंगे और सरस्वती कुंड से जल का आचमन किया जा सकेगा।’’ उन्होंने बताया कि प्रयागराज में संस्कृति ग्राम विकसित किया गया है, जहां सिंधु घाटी की सभ्यता से लेकर, वैदिक काल परंपरा से लेकर वर्तमान परंपरा तक भारत की परंपरा को दर्शाया गया है और अतिथियों का 24 जनवरी को प्रयागराज से दिल्ली के लिए प्रस्थान होगा, वह 25 जनवरी को दिल्ली दर्शन के पश्चात 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे। योगी ने कहा, ''आने वाले अतिथियों के लिए ये प्रवासी भारतीय दिवस एक अलौकिक अनुभव का अवसर होगा । कार्यक्रम को पूरी भव्यता और दिव्यता के साथ संपन्न करने की तैयारी हमने की है।''

85 Views

बताएं अपनी राय!

नीचे नजर आ रहे कॉमेंट अपने आप साइट पर लाइव हो रहे है। हमने फिल्टर लगा रखे है ताकि कोई आपत्तिजनक शब्द, कॉमेंट लाइव न हो पाए। यदि ऐसा कोई कॉमेंट- टिप्पणी लाइव हुई और लगी हुई है जिसमें अर्नगल और आपत्तिजनक बात लगती है, गाली या गंदी-अभर्द भाषा है या व्यक्तिगत आक्षेप है तो उस कॉमेंट के साथ लगे ‘ आपत्तिजनक’ लिंक पर क्लिक करें। उसके बाद आपत्ति का कारण चुने और सबमिट करें। हम उस पर कार्रवाई करते उसे जल्द से जल्द हटा देगें। अपनी टिप्पणी खोजने के लिए अपने कीबोर्ड पर एकसाथ crtl और F दबाएं व अपना नाम टाइप करें।

आपका कॉमेट लाइव होते ही इसकी सूचना ईमेल से आपको जाएगी।

© 2019 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech