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एनआरआई विवाह पंजीकरण संबंधी विधेयक रास में पेश

नई दिल्ली। अनिवासी भारतीयों के देश औरविदेशों में होने वाले विवाहों को शादी की तारीख से30 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य बनाने के प्रावधान वाला एक विधेयकसोमवार को राज्यसभा में पेश किया गया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस प्रावधान वाला अनिवासी भारतीय विवाह रजिस्ट्रीकरण विधेयक2019 पेश किया।सदन में हंगामे के बीच पेश इस विधेयक का मकसद भारतीय महिलाओं को अनिवासी भारतीयों द्वारा किए जाने वाले‘ कपटपूर्ण ’ विवाह से बचाना है।

विधेयक के कारणों एवं उद्देश्य में कहा गया कि भारतीय महिलाओं को अनिवासी भारतीयों द्वारा किए जाने वाले‘ कपटपूर्ण ’ विवाह से बचाने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय करने की आवश्यकता है। इसी के तहत भारत और भारत के बाहर होने वाले ऐसे विवाह को शादी की तारीख से तीस दिनों के भीतर पंजीकरण बनाया जाना अनिवार्य किया गया है।

इस विधेयक के जरिये पासपोर्ट अधिनयम1967 और दंड प्रक्रिया संहिता1973 में संशोधन का प्रावधान है। इसके तहत यदि पासपोर्ट अधिकारी के संज्ञान में यह बात आती है कि किसी अनिवासी भारतीय ने अपने विवाह का पंजीकरण शादी की तारीख से30 दिनों के भीतर नहीं करवाया है तो वह उसका पासपोर्ट अथवा यात्रा दस्तावेज जब्त या रद्द कर सकता है।

दंड प्रक्रिया संहिता के प्रस्तावित संशोधन के तहत अदालतें संबंधित अनिवासी भारतीय के खिलाफ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की विशेष रूप से तैयार की गयी वेबसाइट के जरिये समन जारी कर सकती हैं। इसके अलावा घोषित अपराधी की चल एवं अचल संपत्ति को कुर्क करने का भी इसमें प्रावधान किया गया है।

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