टेलीफोन एक्सचेंज मामले में मारन बंधु हाई कोर्ट पहुंचे

चेन्नई। पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन ने शुक्रवार को फिर मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया और गुहार लगाई कि अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में निचली अदालत द्वारा उनके खिलाफ तय किये गये नये आरोपों को खारिज किया जाए। उन्होंने दावा किया कि मामले में आरोप तय किये जाते समय निचली अदालत द्वारा दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया। जब मामला आज न्यायमूर्ति जगदीश चंदीरा के समक्ष आया तो न्यायाधीश ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि न्यायमूर्ति आनंद वेंकटेश के समक्ष जाएं जिन्होंने उक्त मामले के सिलसिले में 29 जनवरी को आदेश जारी किये थे।

सीबीआई की विशेष अदालत ने मारन बंधुओं और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज अवैध टेलीफोन एक्सचेंज मामले में 30 जनवरी को नये सिरे से आरोप तय किये थे। इससे पहले उच्च न्यायालय ने विस्तृत आदेश जारी किया था। दयानिधि मारन ने कहा कि यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है कि सन टीवी के लिए टेलीफोन कनेक्शनों का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया यह थोपा गया मामला है और राजनीतिक मकसद से दर्ज कराया गया है। मारन ने कहा, ‘‘यह बात साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि कनेक्शन अवैध तरीके से कानून का उल्लंघन करते हुए दिये गये।’’

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