असम में नागरिकता विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन जारी

गुवाहाटी। असम में नागरिकता विधेयक को लेकर चल रहे प्रदर्शनों में आईआईटी-गुवाहाटी के छात्र भी शुक्रवार को शामिल हो गए और अन्य कॉलजों के छात्रों ने भी चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री के काफिले को शहर के मुख्य मार्ग से गुजरने नहीं दिया जाएगा। राज्यभर में वकीलों ने भी शुक्रवार को विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया।

राधा गोविंदा बारुआ रोड पर गौहाटी कॉमर्स कॉलेज के सामने प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और वित्त मंत्री हेमंत बिस्व सरमा को आर जी बारुआ रोड से यात्रा करने से प्रतिबंधित कर दिया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिस वक्त हम उनके काफिले को देखेंगे, हम सड़क ब्लॉक कर देंगे और उनकी कारों को आगे बढ़ने नहीं देंगे।’’ उन्होंने कहा कि विधेयक को वापस लेने तक ‘‘प्रतिबंध’’ जारी रहेगा।

लोकसभा ने आठ जनवरी को नागरिकता (संशोधन) विधेयक पारित कर दिया जिसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के उन गैर मुस्लिमों को भारत की नागरिकता दी जाएगी जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आ गए थे।

मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के गृह निर्वाचन क्षेत्र माजुली में ‘असमिया युवा मंच’ के स्वयंसेवकों ने अपना सिर मुंडा लिया जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने भी विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-गुवाहाटी के छात्र गुरुवार शाम को संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने एकत्रित हो गए, उन्होंने अपने चेहरे पर काला कपड़ा लगाया हुआ था और विधेयक की आलोचना करने वाले पोस्टर ले रखे थे।

छात्रों में से ज्यादातर राज्य के बाहर के हैं। उन्होंने कहा, ‘‘असम आंदोलन के शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।’’  हालांकि, सिलचर में असम विश्वविद्यालय के छात्र विधेयक के समर्थन में आए।

बराक घाटी में विश्वविद्यालय के छात्र तख्तियां और राष्ट्र ध्वज लिए गुरुवार रात को विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने एकत्रित हो गए और उन्होंने विधेयक के समर्थन में नारेबाजी की। विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार के सामने एक बैनर लगाया गया था जिसमें लिखा था, ‘‘हम नागरिकता (संशोधन) विधेयक का समर्थन करते हैं।’’

इस बीच, गौहाटी विश्वविद्यालय और ब्रह्मपुत्र में कॉलेजों के छात्रों ने विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुलिस ने गुवाहाटी तथा अन्य स्थानों पर एकत्रित होने वाले सैकड़ों छात्रों को हिरासत में लिया।छात्रों ने गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सोनोवाल के पुतले फूंके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर केंद्र ने विधेयक वापस नहीं लिया तो वे अनिश्चितकाल तक कक्षाओं का बहिष्कार करेंगे। राज्यभर में वकीलों ने भी शुक्रवार को विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया।

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