Loading... Please wait...

विवेक सक्सेना All Article

कनाडा से नाता ढूढ़ते हुए जो जाना

हम मनुष्यों में एक बड़ी अजीब आदत होती है। हम अपनी परिचित वस्तुओं लोगों व जगहों का उल्लेख आते ही खुद को उससे जोड़ने की कोशिश करने लगते हैं। जैसे कि अगर किसी फिल्म में अपने शहर की या किसी घूमी हुई जगह की शूटिंग हो तो उछल पड़ते हैं। और पढ़ें....

कनाडा में मुकेश शर्मा से मिलना

बेटे ने बताया कि मुकेश शर्मा का फोन आया था वे एक घंटे के अंदर घर आ रहे हैं। बाहर बारिश हो रही थी। मुकेश शर्मा से अपने संबंध दशकों पुराने हैं। कभी वे अपने दो अन्य दोस्तों सुनील सेठी व विजय क्वात्रा के साथ दिल्ली में मिला करते थे। और पढ़ें....

अंडमान द्वीपों के नाम बदलना और थिंड साहब

कई साल पहले तक मैं अक्सर एक कहावत का उल्लेख किया करता था। वह थी- ‘माल किसी का कमाल किसी का’। काफी लंबे समय से इसका प्रयोग नहीं किया था। और पढ़ें....

कनाडा में क्रिसमस व मंदिर दर्शन

क्रिसमस का त्यौहार मुझे बचपन से ही बहुत अच्छा लगता है। अपना एक ईसाई दोस्त था। जब मैं क्रिसमस पर उसके घर जाता तो वह घर को काफी सजाता था। तरह-तरह के पकवान मुझे खिलाता था और चलते समय उपहार भी देता। और पढ़ें....

सेल पर टूटती भीड़ और मंहगी जर्सी

क्रिसमस पर बेटे को आफिस से दो दिन 25 व 26 को छुट्टी मिली। इससे बड़ा संकट हुआ। समस्या थी कि अगले दिन क्या किया जाए? अपना मानना है कि बिना अखबार पढ़े दिन बिताना वैसा ही होता है जैसे कि बिना नमक का खाना खाना। और पढ़ें....

वेंकूवर का भारत से नाता

इसे महज संयोग ही कहूंगा कि मैं जिस वेंकूवर शहर में आया हुआ हूं उसका एक विशेष इतिहास है जोकि भारत और सिखों से जुड़ा हुआ है। हुआ यह कि भारतीय व एशियाई मूल के लोगों को यहां आने से रोकने के लिए यहां की सरकार ने कड़े कानून बना और पढ़ें....

आबोहवा में ताजगी और वक्त

समय का इन दिनों भान नहीं रहता। पत्नी ने उठाया और कहा उठ जाओ चाय तैयार है तो मन नहीं हुआ। मैं उस समय गुदगुदी गर्म रजाई में लिपटा हुआ सो रहा था। बाहर अंधेरा था। और पढ़ें....

कनाड़ा में सब खाली-खाली सा

मैं आदत के मुताबिक यह बताने से खुद को रोक नहीं पा रहा हूं कि कनाड़ा में वेतन भले ही अच्छा हो पर खर्च भी उसी के अनुरूप होता है। जैसे कि इस देश के हर राज्य में कार के बीमा की किश्त अलग-अलग है। और पढ़ें....

तो शुरू मेरी कनाडा डायरी

बहुत दिनो बाद महसूस किया कि उम्र बढ़ गई है और दिलो-दिमाग में बदलाव आना शुरू हो गया है। एक समय था जब कहीं भी जाने के लिए काफी उत्सुक रहता हैं। हर रोज उस दिन का इंतजार करते हुए रोमांच व उत्सुकता का अनुभव कटते हुए काटता था। और पढ़ें....

तब तो घृणित अदला-बदली?

पिछले दिनों अगस्ता-वेस्टलैंड हैलीकाप्टर डील के दलाल क्रिश्चियन मिशेल को दुबई से भारत लाए जाने के बाद अटकले जोर पकड़ने लगी कि उसे एक राजकुमारी को दुबई को सौंपे जाने, उसकी कीमत के बदले में भारत लाया गया है। और पढ़ें....

← Previous 123456789
(Displaying 1-10 of 346)
विवेक सक्सेना

विवेक सक्सेना

editor2@nayaindia.com

Vivek Saxena is the Popular columnist of NAYA INDIA. He writes from Monday to Friday every week. He has 30 year experience of journalism. Prior to joining NAYA INDIA, he had a long stint at various hindi magazines

© 2019 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech