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श्रीशचन्द्र मिश्र All Article

रंगमंच ने निखारा बॉलीवुड को!

रंगमंच भले ही भारत में गहरी जड़ें न जमा पाया हो लेकिन उसका एक स्वर्णिम इतिहास रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह कि रंगमंच ने फिल्मों को हमेशा एक से एक बढ़ कर समर्थ कलाकार दिए हैं। और पढ़ें....

फिल्मों में प्रेम के बदलते मायने

यह संयोग नहीं है कि पिछले कुछ समय में रिलीज हुई कई फिल्मों में प्रेम और रिश्तों की एक नई व्याख्या दिखाई गई है। यह समाज में बदल रही मानसिकता का असर है जिसका अक्स फिल्मों में दिख रहा है। और पढ़ें....

आसान नहीं होता फिल्मों में दाखिला

यह जानने की जिज्ञासा आम तौर पर सभी की होती है कि फिल्मी दुनिया में प्रवेश का सबसे आसान रास्ता क्या है? एक धारणा यह है कि फिल्मी परिवार में जन्म लेने से बेहतर रास्ता कोई नहीं है। और पढ़ें....

कहां तक फैलेगी आरक्षण की आग!

ऐसे में आर्थिक आधार पर आरक्षण मुहैया कराने की गुंजाइश निकाल पाना आसान नहीं होगा। उस पर आए दिन विभिन्न जाति-समुदायों की आरक्षण की मांग और उसे पूरा करने के लिए हिंसा का सहारा लेने की बढ़ती प्रवृत्ति ने अजीब विस्फोटक स्थिति पैदा कर दी है। और पढ़ें....

44 की हीरोइन तो 30 का हीरो!

चवालीस साल की उम्र वाली ऐश्वर्या राय 32 साल के राजकुमार राव के साथ हीरो-हीरोइन का खेल खेलें, यह अब अटपटा नहीं लगता। 2016 में आई बाल्कि फिल्म ‘की एंड का’ में 35 साल की हीरोइन करीना कपूर के हीरो थे तीस साल के अर्जुन कपूर। और पढ़ें....

भेदभाव महिला खिलाड़ियों से

बात थोड़ी पुरानी है। दो साल पहले महिला क्रिकेट टीम ने टी-20 के जब तीन मैचों में से दो में आस्ट्रेलिया को शिकस्त दी तो बीसीसीआई ने इस सफलता का श्रेय ओढ़ लिया, यह दावा करके कि केंद्रीय अनुबंध में महिला खिलाडियों को शामिल करने की उसकी पहल से यह और पढ़ें....

अपनी फिल्मों के अल्पसंख्यक तो अजूबे!

यह सही है पिछले कुछ सालों में स्थितियां भी बदली हैं और उसी के साथ फिल्मों का मिजाज भी बदला है। बरसों से फिल्मों ने अल्पसंख्यक समुदाय के चरित्रों को जो एक खास पहचान के दायरे में बाधा हुआ था, उससे उन्हें मुक्ति मिलने लगी है। और पढ़ें....

सड़कें बन रही हैं कब्रगाह

देश में सड़कों पर चलना कितना खतरनाक हो गया है इसका आभास सिर्फ इन आंकड़ों से हो जाता है कि पिछले साल देश में रोज औसतन 410 लोग सड़क हादसों में मारे गए। 2015 में यह आंकड़ा करीब चार सौ था। और पढ़ें....

क्या बदलेगा चुनाव का रंग रूप!

अगले साल होने वाले आम चुनाव के लिए मची उठा पटक के बीच लोकसभा चुनाव के साथ ही राज्यों के विधानसभा चुनाव कराने का जुमला एक बार फिर उछला है। इस मुद्दे पर दो तरह की राय सामने आती रही है। और पढ़ें....

फिल्मों की घटती उम्र

अभिनेता संजय दत्त की कथित जीवनी पर बनी ‘संजू’ हो या आमिर खान की ‘पी के’ दोनों फिल्मों को भारतीय फिल्मों के इतिहास की सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्म माना जाता है। और पढ़ें....

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श्रीशचन्द्र मिश्र

श्रीशचन्द्र मिश्र

editor1@nayaindia.com

Shirish Chandra Mishra is a Senior Editor at NAYA INDIA. Proior to NAYA INDIA, Sirish spent well over 28 years at Jansatta serving as the Resident Editor of the publication. A Delhi university graduate, he spent many years writing/ contributing for various publications on varied subjects providing a creative, insightful look at society and trends, show business and celebrities, politics and politicians, business, and sports.

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