शंकर शरण All Article

गोविन्दाचार्यः ‘कुछ और करने की ललक मन में जिन्दा है’

मीडिया में गोविन्दाचार्य का एक अलग आकर्षण है। वे भाजपा के काम से पिछले सोलह साल से ‘छुट्टी’ पर चल रहे हैं। फिर भी उन की बातें, और मुहावरे नियमित रूप से खबर बनते रहे हैं। और पढ़ें....

संघ के समक्ष चुनौतियाँ: क्या समझेगा संघ?

एक मित्र, जिन्हें विदेशी समाजों का भी गहरा लंबा अनुभव है, लिखते हैं, ‘‘बीजेपी की प्रशासनिक नाकामी और आरएसएस की महत्वाकांक्षा ने हाशिये पर पड़ी कांग्रेस को फिर से खड़ा कर दिया। और पढ़ें....

पानीपत की पाँचवीं लड़ाई

अब वे ‘पानीपत युद्ध’ की बात कर रहे हैं, जो उन के अनुसार बस अगले दो-तीन महीने में होने वाला है। यह कह कर कि यदि 2019 का चुनाव भाजपा हारती है तो इस के दुष्परिणाम वैसे ही युगान्तरकारी होंगे। और पढ़ें....

राम मंदिर क्यों अटका रहा है?

भाजपा नेता डॉ. सुब्रह्ममण्यम स्वामी ने इधर बार-बार कहा कि यदि राजीव गाँधी, नरसिंह राव या चंद्रशेखर को कुछ और समय मिला होता, तो उन में से कोई भी अयोध्या में राम मंदिर बनवा चुका होता। और पढ़ें....

भाजपा और संघः इकलौते, बिगड़ैल बेटे की समस्या

यदि बाप धनी हो तो इकलौते, बिगड़ैल बेटे में अंहकार के साथ-साथ धूर्तता भी आ जाती है कि सामान्य डाँट-फटकार के सिवा बाप कुछ कर नहीं सकता। वह उसे संपत्ति से बेदखल नहीं कर सकता, या घर से निकाल नहीं सकता, आदि। और पढ़ें....

हवाई हिन्दुत्व से आगे बढ़ें

कुछ बौद्धिक अब यह दिखाने को बुद्धि लगा रहे हैं कि गत चार वर्ष में हिन्दुओं के लिए कितना कुछ काम हुआ। एक बड़े विद्वान ने किसी लेख की अनुशंसा की। और पढ़ें....

संगठन को सुबुद्धि से जोड़ें

राजनीति में केवल नीयत से कुछ नहीं होता। महात्मा गाँधी की नीयत बहुत अच्छी थी! पर उन के कदमों से देश बँटा, लाखों निरीह लोग बेमौत मरे और एक स्थायी दुश्मन नया पड़ोसी देश बन गया। और पढ़ें....

हिन्दू जोड़ो या तोड़ो? (भाजपा का दिग्भ्रम)

‘देवालय से ज्यादा जरूरी शौचालय है’, ‘‘आर्थिक विकास सारी समस्याओं का समाधान है’’ जैसे गहन विचार तथा ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ जैसा लक्ष्य रखने वाले नेता अब इन बातों को नहीं दुहरा रहे। और पढ़ें....

लक्ष्मी-पूजन और सार्थक जीवन

लक्ष्मी को धन का पर्याय मान लिया जाता है। किन्तु धन से कुबेर भी जुड़ा है। कुबेर, अर्थात ‘कुत्सित शरीर वाला’, राक्षसराज रावण का भाई। धन का पर्याय होकर भी कुबेर पूजा भारतीय परंपरा में कहीं नहीं। और पढ़ें....

← Previous 123456789
(Displaying 1-10 of 82)
शंकर शरण

शंकर शरण

bauraha@gmail.com