
पंकज दुबे
Mar 22, 2025
Columnist
ख़ामोशी में दहाड़: ‘द डिप्लोमैट’
the diplomat : फिल्म चुस्त है, स्क्रिप्ट और एडिटिंग दुरुस्त। फ़िल्म के एडिटर हैं कुणाल वाल्वे। फ़िल्म कासी हुई है और इसकी अवधि है, दो घंटे 17 मिनट।
Feb 15, 2025
BOLLYWOOD
सपनों को सच करते ‘द मेहता बॉयज़’
क़िस्सागोई के अलग अलग आयाम साधने वाले कलाकारों की क़ाबिलियत का रस लेने के लिए सबसे ज़रूरी है ये समझना कि उन्हें किसी पारम्परिक नौकरीशुदा इंसान की तरह देखने...
Feb 8, 2025
Columnist
सच की आंच पर पकीः ‘द स्टोरीटेलर’
बहुत दिनों बाद हिंदी फ़िल्मों की दुनिया में एक ऐसी फ़िल्म आई है, जिसमें 'प्लेजरिज़्म' (साहित्यिक चोरी) को कहानी के केंद्र में रखा गया है।
Jan 25, 2025
Columnist
पाताल लोक: ख्वाहिशों के ख़ूबसूरत झमेले
2025 की शुरुआत, दर्शकों के लिए वेब सीरीज़ की दुनिया में एक सुनहरा दौर लेकर आई है।
Jan 11, 2025
Columnist
मौन की भाषा: ‘बर्लिन’
ऐसा अक्सर होता है कि बहुत बड़ी फिल्मों के अग्रेसिव प्रमोशन के शोर में कई छोटी और दिलचस्प फ़िल्मों की तरफ़ ध्यान थोड़ी देर से जाता है।
Jan 4, 2025
Columnist
ज़िद जो न कराए: ‘सिकंदर का मुकद्दर’
निर्देशक नीरज पांडे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे थ्रिलर शैली के मास्टर हैं।
Dec 21, 2024
Columnist
वर्जनाओं को तोड़ने की एक सार्थक पहल
इस शब्द के किसी पब्लिक प्लेस या फिर घर की गैदरिंग में भी उच्चारण मात्र से ऐसा लगता है जैसे कोई बम फट जाता हो।
Dec 7, 2024
Columnist
भावनात्मक आघात से आगे बढ़ने की कहानी
ये फ़िल्म इसी नाम से 2016 में छपे कोलीन हूवर के मशहूर उपन्यास पर आधारित है।
Nov 23, 2024
Columnist
शिक्षा पर सार्थक फिल्मों की जरुरत
राजनीतिक घटनाक्रमों और राजनेताओं पर हमेशा फ़िल्में बनती रहीं हैं। जब जिस विचारधारा का ज़्यादा प्रभाव रहता है, उसके पक्ष की कहानियां प्रमुखता पातीं हैं
Nov 9, 2024
Columnist
हॉरर, मिथ और सिनेमाई जादू
'तुम्बाड' देखना एक ऐसा अनुभव है, जो आपको डराता भी है, सोचने पर मजबूर भी करता है, और सिनेमाई स्तर पर गहरे तक छू जाता है।
Nov 3, 2024
Columnist
इंसानी जिजीविषा का नाम है ‘श्रीकांत’
'श्रीकांत' एक बायोपिक है, जिसमे मनोरंजन के साथ साथ मोटिवेशन का भी एक संतुलित अनुपात है।