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हरि शंकर व्यास All Article

हिंदू उबाल का मिशन शुरू

हां, सबरीमला मंदिर के बाहर दंगल के फोटो हो या कानून- अध्यादेश के जरिए अयोध्या में मंदिर बनाने का मोहन भागवत का संबोधन हो या अगले सप्ताह से सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या पर सुनवाई की बात... और पढ़ें....

सवाल वक्त और विनाशकाल का

हां, मैं दोनों बाते लिखता रहा हूं। एक, लोकसभा चुनाव अनिवार्यतः हिंदू बना मुस्लिम उबाल पर लड़ा जाएगा। यही नरेंद्र मोदी-अमित शाह के पास यूपी जीतने का तरीका है। यूपी है तो बिहार और बाकि राज्य है। और पढ़ें....

धर्म राजनीति: मंदिर का मतलब

भाजपा की सियासी जान के तीन कोर मुद्दे हैं – कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करना, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और समान नागरिक संहिता। ये तीनों मुद्दें धर्म से जुड़े हैं। और पढ़ें....

सबरीमाला और परिपूर्णानंद 

भाजपा को कुछ समय पहले तक सिर्फ उत्तर भारत की पार्टी माना जाता था। अब भी दक्षिण भारत में उसका कोई खास विस्तार नहीं हुआ है। एक कर्नाटक इसका अपवाद है। वहां भी भाजपा के विस्तार में ध्रुवीकरण की राजनीति अहम तत्व है। और पढ़ें....

अदालती फैसले और धार्मिक ध्रुवीकरण!

यह हैरान करने वाली बात है कि जान अनजाने अदालतों के फैसले से धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति हो रही है। इसे भाजपा का संयोग कहे या सोची समझी प्लानिंग, जो एक के बाद एक ऐसे फैसले आए हैं, जिनसे उसको अपनी राजनीतिक चमकाने का मौका मिला है। और पढ़ें....

हिंदुओं, देखो आज रावण को!

गौर से देखें जरा उस चेहरे को जो आज मर्यादा पुरूषोत्तम राम के अग्निबाणों से जलेगा!  रावण का चेहरा। जो हिंदू था। जो था चार वेदों, छह दर्शनों का प्रकांड ज्ञाता। जिसकी उपलब्धियां थीं अनेक। जिसने बनाई थी सोने की लंका। और पढ़ें....

निर्लज्जता टूटी, बीस मी टू पर!

उफ! 20 महिलाओं की गुहार। कितनी? बीस! बीस मी टू ने आखिरकार सत्ता की निर्लज्जता को झुकाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शर्म में फैसला किया या दबाव में, यह वे जानें लेकिन अंततः एमजे अकबर का इस्तीफा हुआ। और पढ़ें....

लंपट अकबर नहीं, बल्कि महिलाएं!

हां, मुझे प्रतिक्रिया मिली कि आप किन महिलाओं को देवियां लिख रहे हैं? इनका क्या नाता है गांव, देहात, शहर की उन महिलाओं से जो सचमुच असुरक्षा में जीती हैं? और पढ़ें....

छप्पन इंची अकबर और भागवत से सवाल

हिंदू भक्तों और लंगूरों के लिए गौरव का क्षण है! राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को इस दशहरा के विजय भाषण में नरेंद्र मोदी और एमजे अकबर का सचमुच अभिनंदन करना चाहिए। और पढ़ें....

समाज सर्वत्र बीमार!

राष्ट्र-राज्य, नेता, सिस्टम और कानून का मानो समाज, नागरिक व्यवहार से नाता ही न हो। आस्था खत्म तभी हताशा में हाथ-पांव मारना। रविवार सुबह की चार खबरें देखिए। और पढ़ें....

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हरि शंकर व्यास

हरि शंकर व्यास

editor@nayaindia.com

A political journalist by heart and a newspaper publisher, HARI SHANKAR VYAS is the sole founder of NAYA INDIA. With a desire to fulfil the vacuum the Hindi speaking population has felt, he ventured into newspaper publishing to deliver a premium Hindi newspaper with rich, compelling and high quality content.His column’s brings forward to the readers in India a ringside view of the contemporary Indian Politics. Famous Central Hall Editor.

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