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संपादकीय-2 All Article

कठघरे में अंडमान प्रशासन

बीते 16 नवंबर को मीडिया में अंडमान पुलिस और स्थानीय मछुआरों के हवाले से अमेरिका के एक युवा मिशनरी और दुस्साहसी घुमक्कड़ जॉन चाउ की सेंटिनल द्वीप पर मौत की खबर आई। और पढ़ें....

अब सख्त हुआ अमेरिका

मुंबई पर आतंकवादी हमले की दसवीं बरसी पर अमेरिका ने भारत के पक्ष में खास रुख अपनाया। डोनल्ड ट्रंप प्रशासन ने एलान किया कि मुंबई हमले की साजिश से जुड़े लोगों की जानकारी मुहैया कराने वाले को अमेरिकी सरकार 50 लाख डॉलर इनाम देगी। और पढ़ें....

इंसाफ पर व्यापार भारी

पत्रकार जमाल ख़शोगी की हत्या के लिए अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने सारी दुनिया को दोषी ठहरा दिया है। इस तरह उन्होंने सऊदी अरब के शाही परिवार को बचाने की कोशिश की है, जिससे उनकी हमदर्दी है। और पढ़ें....

मुद्दा है प्रभावी अमल का

किसी समस्या पर सख्त कानून बनाना सरकारों के लिए सबसे आसान रास्ता होता है। महाराष्ट्र सरकार ने भी फिलहाल इसे ही अपनाया है। राज्य सरकार ने पिछले हफ्ते खाने-पीने की सामग्री में मिलावट को ग़ैर-ज़मानती अपराध बनाने की घोषणा की। और पढ़ें....

अवैध खनन का साथ

गोवा में अवैध खनन का मामला सबसे पहले यूपीए के शासनकाल में उठा था। इस मामले ने तब खूब जोर पकड़ा। गोवा में हुए सत्ता बदल में इसकी भूमिका रही। लेकिन सत्ता बदलने से गोवा में अवैध खनन नहीं रुका। और पढ़ें....

एक नया चिपको आंदोलन

यह एक नए तरह का चिपको आंदोलन है। 1970-80 के दशक में उत्तराखंड का चिपको आंदोलन दुनिया भर में मशहूर हुआ था। अब वैसा नजारा ओडीशा में देखने को मिल रहा है। और पढ़ें....

ब्रेग्जिट पर उथल-पुथल

ब्रेग्जिट मुद्दे पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा में घिर-सी गई हैं। हालात यहां तक पहुंचे कि उन्हें अपनी तुलना एक समय के इंग्लैंड के डिफेंसिव टेस्ट बैट्समैन ज्योफ बॉयकॉय से करनी पड़ी। और पढ़ें....

वापस भेजे जाएंगे रोहिंग्या?

फिलहाल एक अजीब विडंबना है। इस वक्त जितने रोहिंग्या मुस्लिम म्यांमार में हैं, उनकी उससे अधिक संख्या बांग्लादेश में है। अब वहां से रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस म्यांमार भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। और पढ़ें....

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संपादकीय-2

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नया इंडिया के संपादकीय पेज पर सोमवार से शुक्रवार को प्रकाशित होने वाले संपादकीय इस मेनू में मिलेगें। घटना विशेष पर तुरंत टिप्पणी में नया इंडिया अंग्रणी अखबार हैं। हिंदी के अन्य अखबारों के मुकाबले विविध विषयों पर बेबाक-निष्पक्ष राय नया इंडिया के संपादकीय में पढने को मिलेगी।

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