संपादकीय-2 All Article

वचनबद्धताएं और हकीकत

भारत सरकार का दावा है कि जलवायु परिवर्तन पर वो अपनी दो प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की राह पर है। ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन की तीव्रता में कमी और गैर पेट्रोलियम ईंधन के उपयोग की बढ़ती दर... और पढ़ें....

उग्र राष्ट्रवाद के खतरे

यूरोप (दरअसल पूरी पश्चिमी दुनिया) ने प्रथम विश्वयुद्ध की शताब्दी मनाई। पेरिस में आर्क दे ट्रायंफ पर विश्व युद्ध की समाप्ति की 100 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए फ्रांस और जर्मनी के नेताओं... और पढ़ें....

इंसान बनाम वन्य जीव!

कुछ दिनों के अंतर पर भारत में दो बाघिनें मारी गईं। ये घटनाएं ऐसे समय हुईं, जब दुर्लभ होते बाघों को बचाने की पूरी दुनिया में जोरशोर से मुहिम चल रही है। और पढ़ें....

कठघरे में केंद्र और आरबीआई

कठघरे में केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक भी। घटनाक्रम ऐसा है कि उनके इरादों पर शक खड़ा होता है। शक यह कि वे उन लोगों को बचाना चाहते हैं जिन्होंने जानबूझ कर बैंकों से लिया कर्ज नहीं चुकाया है। और पढ़ें....

आज भी ऐसे पूर्वाग्रह!

पंजाब के फाजिल्का जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक सरकारी बालिका विद्यालय में शौचालय के अंदर एक फेंका हुआ सैनेटरी पैड मिला... और पढ़ें....

गूगल में मी-टू आंदोलन

गूगल के कर्मचारी यौन उत्पीड़न को लेकर कंपनी के रवैये से नाराज हैं, यह एक बार फिर जाहिर हुआ। अपनी नाराजगी को दिखाने के लिए उन्होंने पिछले हफ्ते "गूगल वॉक आउट फॉर रियल चेंज" नाम से प्रदर्शन किए। और पढ़ें....

असम में अशांति का दौर?

असम के तिनसुकिया जिले में उल्फा के स्वाधीन गुट के संदिग्ध उग्रवादियों ने पिछले हफ्ते को गोली मार कर बांग्ला मूल के पांच लोगों की हत्या कर दी। और पढ़ें....

मैर्केल के बिना जर्मनी!

जर्मनी के नौजवानों के लिए उस वक्त की कल्पना भी मुश्किल है, जब अंगेला मैर्केल चर्चा के केंद्र में ना रही हों। लेकिन अब ऐसा वक्त आता दिखता है। मैर्केल ने अपनी पार्टी के प्रमुख का पद छोड़ने का एलान कर दिया है। और पढ़ें....

घातक है वायु प्रदूषण

दिल्ली पर फिर से धुंध का चादर छाई है। अब ये हर साल की कहानी है। लेकिन इसका कोई समाधान निकलता नहीं दिखता। नतीजा है कि वायु प्रदूषण लगातार अधिक घातक होता जा रहा है। और पढ़ें....

नकाब का विवादास्पद मुद्दा

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति ने फ्रांस में चेहरे को ढंकने वाले नकाब पर लगे प्रतिबंध की आलोचना की है। इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। समिति का कहना है कि फ्रांस को इस पाबंदी पर दोबारा विचार करना चाहिए। और पढ़ें....

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संपादकीय-2

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नया इंडिया के संपादकीय पेज पर सोमवार से शुक्रवार को प्रकाशित होने वाले संपादकीय इस मेनू में मिलेगें। घटना विशेष पर तुरंत टिप्पणी में नया इंडिया अंग्रणी अखबार हैं। हिंदी के अन्य अखबारों के मुकाबले विविध विषयों पर बेबाक-निष्पक्ष राय नया इंडिया के संपादकीय में पढने को मिलेगी।