Loading... Please wait...

अजय सेतिया All Article

कांग्रेस फिर शाहबानों मानसिकता से ग्रस्त

अपन हमेशा से कहते रहे हैं कि संसद बहुमत से नहीं चलती। यह बात मानसून सत्र के आख़िरी दिन 10 अगस्त को फिर साबित हुई। एक दिन पहले ही राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव जीत कर भाजपा उत्साहित थी। और पढ़ें....

एनकाउंटरों के हल्लेबाज सुप्रीम कोर्ट पहुंचे!

सोहराबुद्दीन और इशरत के एनकाउंटरों के हल्लेबाज अब यूपी पहुंच गए हैं। गुजरात की मुठभेड़ों में मारे गए आतंकियों के हल्ले ने नरेंद्र मोदी का फायदा ही किया। और पढ़ें....

मंदसौर पर कठुआ जैसा हल्ला क्यों नहीं?

मध्य प्रदेश के मंदसौर में सात साल की बच्ची के साथ ही रेप की घटना ने निर्भया की याद ताजा की। कठुआ की कहानी को जैसा बढ़ा चढ़ा कर पेश किया गया वैसा हल्ला अपन मंदसौर रेप कांड पर नहीं देख रहे। और पढ़ें....

सर्जिकल का राजनीतिक स्ट्राइक!

कश्मीर भाजपा और कांग्रेस की आपसी जंग का हथियार बन गया है। वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी ने सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा उठा कर मोदी को भड़का दिया। और पढ़ें....

पटेल को बदनाम करने की साजिश!

सैफुद्दीन सोज फिलहाल कांग्रेस के नेता हैं। पहले नेशनल कांफ्रेंस में थे। नेशनल कांफ्रेंस के कोटे से देवगौड़ा और गुजराल सरकार में मंत्री रहे। और पढ़ें....

मोदी अपने मन की सुने, किसी मह्बूबा के मन की नहीं

अपन ने शनिवार को लिखा था युद्धविराम का फैसला गलत था। आतंकवादियों ने युद्धविराम को माना ही नहीं था। पाकिस्तान ने भी युद्धविराम को नहीं माना। आतंकियों ने हिंसा और हत्या की वारदातें जारी रखीं। और पढ़ें....

आतंकियों से युद्धविराम गलत फैसला था

रमजान का महीना का महीना खत्म हुआ | कायदे से अर्ध्सेनिक बालों का युद्धविराम शनिवार आधी रात से खत्म हो जाना चाहिए | इस के लिए सरकारी फरमान की भी कोई जरुरत नहीं | और पढ़ें....

← Previous 12345
(Displaying 1-10 of 41)
अजय सेतिया

अजय सेतिया

setiaajay@gmail.com

देश की राजधानी दिल्ली में 29 वर्ष से पत्रकारिता में। इस दौरान 10 वर्ष तक पंजाब केसरी,जनसत्ता, दैनिक जागरण में डेस्क पर काम करने के बाद 1992 से 2011 तक दैनिक भास्कर के दिल्ली ब्यूरो में विशेष संवाददाता से शुरूआत कर के राजनीतिक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता। दैनिक नवज्योति का दिल्ली ब्यूरो प्रमुख। राजस्थान पत्रिका का राजनीतिक संपादक और 2010 से ईटीवी के राष्ट्रीय इनपुट हैड। दिसंबर 2011 से दिसंबर 2014 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग , उत्तराखंड के चेयरमैन। राजनीतिक लेखन के अतिरिक्त विदेश मामलों मे विशेष दिलचस्पी। 13 वर्ष तक दैनिक राजनीतिक कालम लेखन एंव डेढ वर्ष ईटीवी पर राजनीतिक हस्तियों से साप्ताहिक इंटरव्यू।

© 2019 ANF Foundation
Maintained by Quantumsoftech